दिल्ली विश्वविद्यालय में दाखिले की दौड़ अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंच गई है। जहां कुछ कॉलेजों में सामान्य श्रेणी के लिए दाखिले के अवसर पूरी तरह से समाप्त हो गए हैं। वहीं कुछ कॉलेजों में जिस तरह से दाखिले रद हुए हैं उससे पांचवीं कट ऑफ में कुछ कोर्सेज में दाखिले के अवसर बन सकते हैं। दरअसल स्पेशल कट ऑफ में दाखिला रद्द कराने का विकल्प नहीं था इसलिए छात्र चौथी कट ऑफ में दाखिला रद करा रहे हैं। जबकि कई प्रवेश परीक्षा आधारित कोर्सेज की दाखिला प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इस कारण से छात्र नियमित कॉलेज की अपनी सीट छोड़ रहे हैं।
डीयू में सोमवार को शुरू हुए चौथी कट ऑफ के दाखिले मंगलवार आधी रात बंद हो गए। इस कट ऑफ में हुए दाखिले के लिए छात्र छह नवंबर तक फीस का भुगतान कर सकते हैं। इसके बाद पांचवीं कट ऑफ सोमवार को जारी की जाएगी। चौथी कट ऑफ के दाखिले के दो दिन के दौरान कुछ कॉलेजों में 10 से 91 तक दाखिले रद्द कराए गए हैं। इस कारण से कुछ कॉलेज मान कर चल रहे हैं कि कुछ एक सीटों पर पांचवीं कट ऑफ में भी दाखिले का चांस मिल सकता है।
आर्यभट्ट कॉलेज में दो दिनों में करीब 66 दाखिले हुए, जबकि दाखिले से ज्यादा 91 दाखिले रद हुए। सबसे अधिक दाखिले ईकोनॉमिक्स ऑनर्स, गणित व बीकॉम ऑनर्स में हुए। वहीं एक अन्य कॉलेज में 10 से अधिक दाखिले रद्द हुए। आउट ऑफ कैंपस कॉलेज के कुछ प्रिंसिपल का कहना है कि दाखिले की सही स्थिति का पता शनिवार तक फीस जमा कराने के बाद ही चल पाएगा। डीयू में स्नातक कोर्सेज की 70 हजार सीटों पर चौथी कट ऑफ तक 60 हजार से अधिक दाखिले हो चुके हैं। शनिवार तक फीस जमा कराने के बाद यह आंकड़ा और बढ़ जाएगा।