झज्जर। झज्जर के लाल खानिया स्थित श्री प्रेम मंदिर में धार्मिक सत्संग का आयोजन हुआ। कांता देवी महाराज ने कर्मफल, सदाचार और जीवन में मर्यादा के महत्व पर प्रकाश डाला। कहा कि मनुष्य को अपने कर्मों के अनुरूप ही फल मिलता है। इसलिए सदैव अच्छे विचार और नेक कर्म अपनाने चाहिए।
उन्होंने मर्यादा के विशेष महत्व पर जोर दिया। धन और पद अस्थायी होते हैं, लेकिन व्यवहार और संस्कार स्थायी रहते हैं। कांता देवी महाराज ने माता-पिता, गुरुजनों और बुजुर्गों के सम्मान का आह्वान किया। उन्होंने परिवार और समाज के प्रति कर्तव्यों के ईमानदार निर्वहन पर बल दिया। सुख-दुख को कर्मों का परिणाम बताते हुए धैर्य रखने की सीख दी। सेवा, सत्य, संयम और परोपकार से जीवन सार्थक बनता है।
प्रवचन के बाद बृज रसिका दीदी मीनाक्षी ने रसिक भजन प्रस्तुत किए। श्रद्धालुओं ने भक्तिमय वातावरण में खूब आनंद लिया और थिरके। उन्होंने महाराज के संदेश को जीवन में अपनाने का संकल्प लिया। इस अवसर पर बोर्ड परीक्षा में वरीयता प्राप्त करने वाले बच्चों को सम्मानित किया गया। मंदिर प्रधान उमेश नंदवानी सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।