फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

फूलों के रंग से दमके चेहरे, खिले प्यार के रिश्ते

Sun, 24 Mar 2013 05:32 AM IST
Chandigarh
विज्ञापन
विज्ञापन
चंडीगढ़। गालों पर फूलों के बने रंग लगाकर और गले मिलकर महिलाओं ने न सिर्फ होली की शुभकामनाएं दी, बल्कि एक नई परंपरा की नींव भी डाली। महिलाओं ने संकल्प लिया कि अब से हर साल होली केमिकल युक्त हानिकारक रंगों की बजाय इन्हीं प्यार के प्राकृतिक रंगों से मनाएंगी। साथ ही उन्होंने होली पर पानी बचाने का भी संकल्प लिया। शनिवार को चंडीगढ़ प्रशासन के पर्यावरण विभाग की ओर से अमर उजाला रूपांतरण क्लब और सेक्टर-46 स्थित गवर्नमेंट मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल के ईको क्लब सोहांजना के सहयोग से ईको फ्रेंडली होली समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान होली पर प्राकृतिक रंगों का इस्तेमाल करने, पानी बचाने और केमिकल युक्त रंगों से दूर रहने का आह्वान किया गया।
विज्ञापन

सेक्टर-46 के सरकारी स्कूल के परिसर में आयोजित समारोह में चंडीगढ़ के प्रशासक के सलाहकार केके शर्मा की पत्नी और अमर उजाला रूपांतरण की मानद सदस्य निनेत वी शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहीं। समारोह में चंडीगढ़ के वित्त सचिव वीके सिंह की पत्नी और कल्ब की मानद सदस्य पल्लवी सिंह सम्मानित अतिथि के तौर पर उपस्थित रहीं। समारोह में चंडीगढ़ के पर्यावरण निदेशक व वन संरक्षक संतोष कुमार, पूर्व पार्षद जितेंद्र भाटिया के अलावा स्कूल की प्रिंसिपल व क्लब की सदस्य सुदेश राघव और सोहांजना ईको क्लब के संयोजक ओमप्रकाश भी मौजूद रहे। समारोह में रूपांतरण की 200 से ज्यादा सदस्यों ने हिस्सा लिया।
चीफ गेस्ट ने सुनाई अपनी पहली राइम
समारोह की शुरुआत स्कूल की छात्राओं ने स्वागत गीत ‘कितना मुबारक दिन यह है’ गाकर की। इसके बाद होलिया में उड़े रे गुलाल गीत पर डांस ने समां बांध दिया। क्लब की सदस्य उमा महाजन ने कविता सुनाकर रंग जमाया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि निनेत वी शर्मा ने उनके द्वारा तैयार की गई पहली हिंदी की राइम गाकर सुनाई। उन्होंने यह राइम अपनी नानी पर स्कूल में पढ़ने के दौरान बनाई थी। समारोह का संचालन स्कूल की शिक्षिका और क्लब की सदस्य बलजिंदर कौर ने किया। स्कूल के सोहांजना ईको क्लब के संयोजक ओमप्रकाश ने अपनी टीम के सहयोग से बनाए फूलों के रंग सभी महिलाओं को भेंट किए।
विज्ञापन

प्राकृतिक रंगों से बढ़ेगा होली का उत्साह
अब होली को लेकर लोगों में पहले की तरह बहुत ज्यादा उत्साह नहीं रहा है। इसका कारण है कि होली पर इस्तेमाल होने वाले रंगों से लोगों को कई तरह की समस्याएं होती हैं। अगर हम सभी लोग इस तरह प्राकृतिक रंगों का इस्तेमाल कर होली मनाएंगे तो हम होली को लेकर पहले जैसे उत्साह को वापस ला सकेंगे। अमर उजाला और पर्यावरण विभाग का यह प्रयास काफी सराहनीय है।
-पल्लवी सिंह, मानद सदस्य, अमर उजाला रूपांतरण
होली पर इस्तेमाल किए जाने वाले रंगों में केमिकल होने से लोगों की त्वचा खराब हो रही थी। इस समारोह से हमने लोगों को होली पर प्राकृतिक रंगों का इस्तेमाल करने का संदेश दिया है। यह संदेश अब हमें घर-घर तक पहुंचाना होगा। मैं उम्मीद करती हूं कि अमर उजाला ने पर्यावरण विभाग के साथ मिलकर लोगों को होली पर पानी बचाने और प्राकृतिक रंगों का इस्तेमाल करने जो संदेश दिया है, उसका असर जरूर होगा।
- निनेत वी शर्मा, मानद सदस्य, अमर उजाला रूपांतरण
ईको फ्रेंडली होली मनाने का उद्देश्य शहर के लोगों को प्राकृतिक रंगों से होली खेलने के लिए प्रेरित करना था। होली पर पानी की बर्बादी होती है और इसे रोकने के लिए जागरूकता जरूरी है। ईको फ्रेंडली होली में जिस तरह से अमर उजाला रूपांतरण क्लब की सदस्यों ने उत्साह दिखाया है उससे यह स्पष्ट हो गया है कि उनके संदेश का प्रचार जरूर होगा और इस साल अधिक से अधिक लोग प्राकृतिक रंगों से होली खेलेंगे।
-संतोष कुमार, डायरेक्टर, पर्यावरण, चंडीगढ़ प्रशासन
- अमर उजाला द्वारा यह एक बहुत ही अच्छा प्रयास है। पानी को बचाने और ईको फ्रेंडली होली मनाने से इस पर्व पर और उत्साह दिखाई देगा।
- संतोष चोपड़ा, प्रोफेसर, पंजाब यूनीवर्सिटी, चंडीगढ़
- मैंने पहली बार ऐसी होली मनाई है। इससे पहले हम भी पानी व रंग-बिरंगे गुलाल से ही होली मनाते रहे हैं। हमारे यहां वेलफेयर एसोसिएशन की ओर से भी होली मनाई जाएगी। वहां भी मैं अन्य लोगों को ऐसी ईको फ्रेंडली होली मनाने का संदेश दूंगी।
- सविता चुघ, सेक्टर 38 निवासी और रूपांतरण सदस्य
- मैंने पहली बार ऐसी ईको फ्रेंडली होली मनाई है। हम सभी को काफी मजा आया और भविष्य में हर साल इसी तरह ही ईको फ्रेंडली होली मनाएंगी।
- पूनम ओबरॉय, मेंबर रूपांतरण क्लब, मोहाली फेज-1 निवासी
- शुरू से ही होली मनाते आ रहे है, लेकिन इस बार सबसे ज्यादा यहां होली मनाकर मजा आया। खास बात यह थी कि सूखी होली थी और रंग भी बिना केमिकल के थे। अमर उजाला का यह बहुत ही अच्छा प्रयास है।
- प्रीति ओबरॉय, मेंबर रूपांतरण क्लब
- जैसे हम सभी ने सेफ और ईको फ्रेंडली मनाई, ऐसे ही मेरा सभी को संदेश है कि वे भी हानिकारक रंगों से बचें। अमर उजाला को मेरा धन्यवाद कि उनके इस प्रयास से हम भी ईको फ्रेंडली होली मना सके।
- कंचन भल्ला, सेक्टर-19 निवासी, चंडीगढ़
- सहेलियों संग पहली बार ऐसी ईको फ्रेंडली होली खेली है। अब मैं अन्य लोगों को भी यही संदेश दूंगी कि वे इस त्योहार को फूलाें के रंगों से ही सजाएं।
- सविता रानी, मेंबर रूपांतरण, मोहाली फेज-7 निवासी
- हर साल होली खेलते हैं, लेकिन इस बार ईको फ्रेंडली होली मनाकर एक अलग सा मजा आया। सबसे अच्छी बात तो यह रही कि हमने होली भी मना ली, जिसमें न हम गीले हुए और न गंदे केमिकल वाले गुलाल के शिकार। अब मैं हर साल ऐसे ही ईको फ्रेंडली होली मनाऊंगी।
विज्ञापन

- सरबजीत कौर, मोहाली फेज-3बी निवासी

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें