चंडीगढ़। पुलिस के मुताबिक पकड़े गए कथित आतंकी संतोष सिंह बाजवा के तार किन लोगों से जुड़े हैं, इसकी छानबीन की जा रही है। एसएसपी नौनिहाल सिंह ने कहा कि इंटरनेट और लैपटॉप के जरिये वह किन लोगों से जुड़ा था, पुलिस उन लोगों का पता लगाकर पूछताछ करेगी। पुलिस इस बात की भी छानबीन कर रही है आखिरकार इतने वर्षों तक आतंकी को कहां से फंडिंग की गई। डीएसपी क्राइम सतबीर सिंह ने बताया कि आरोपी की गिरफ्तारी के बाद देश की तमाम सुरक्षा एजेंसियों को इस संबंध में जानकारी दे दी गई है।
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1975 में इमरजेंसी के दौरान हुई थी एसएस बाजवा की डिफेंस ऑफ इंडिया रूल के तहत गिरफ्तारी
पंजाब के फरीदकोट जिले से फ्रीलांस जर्नलिस्ट का कार्ड बनवाया
‘कृति युग’ नामक पत्रिका के संपादक के तौर पर एसएस बाजवा ने इसके 14-15 अंक प्रकाशित किए
कनाडा प्रवास के दौरान एसएस बाजवा की मुलाकात हरदयाल सिंह बैंस से हुई। बैंस कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ कनाडा के सचिव थे और बाजवा भी इस पार्टी में सक्रिय सदस्य के तौर पर शामिल हुआ। बाद में 1970 में भारत लौटने के बाद मैगजीन की शुरुआत की। वह 1976 से 1985 के दौरान शाहबाद में रहा।
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किसके साथ रह रहा था कथित आतंकी
संतोष सिंह बाजवा की शादी के बाद उनके बच्चे भी हैं। पुलिस इस बात की छानबीन कर रही है कि आखिरकार बच्चे कहां हैं और बाजवा कब से उनके साथ नहीं है।
मिल्खा सिंह के साथ भी शामिल हुआ था नेशनल गेम्स में!
1963 में इलाहाबाद में आयोजित नेशनल गेम्स के 400 मीटर रिले में गोल्ड मिले। इसी आयोजन में मिल्खा सिंह ने भी अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन किया था। इससे पहले जयपुर, पंजाब यूनिवसिर्टी, डीएवी कॉलेज, जालंधर में आयोजित रिले स्पर्धा में जी दर्ज की थी। हालांकि मिल्खा सिंह ने कहा कि उन्हें बाजवा के बारे में याद नहीं है।