चंडीगढ़। पीजीआई के एमडी-एमएस एंट्रेंस टेस्ट में नकल के मामले में पूछताछ के लिए बुलाए गए सात डॉक्टरों ने सीबीआई को कई अहम जानकारियां दी हैं। उनसे मिली जानकारियों का पहले गिरफ्तार 15 आरोपियों के बयान से मिलान किया जाएगा। दोनों बयानों के मिलान के आधार पर सीबीआई आगे की कार्रवाई करेगी। हालांकि, अभी भी परीक्षा में बैठने वाले तीन डॉक्टरों के बयान लिए जाने हैं। वहीं, 10 अन्य नकलची डाक्टरों की पहचान होनी अभी बाकी है। सीबीआई ने डाक्टरों के बयानों के आधार पर इस गिरोह के लोकल कनेक्शन पता करने में जुटी है। अभी तक पुलिस गिरोह के बाहरी सदस्यों को ही पकड़ पाई है।
10 नवंबर को परीक्षा के दौरान पुलिस ने नकल का खुलासा किया था। इस दौरान 8 डमी कैंडीडेट और गिरोह के सात अन्य सदस्यों को काबू किया गया था, जबकि नकल करने वाले 20 डाक्टर फरार हो गए थे। इनमें से 10 की पहचान की हो चुकी है। सात डाक्टरों ने सीबीआई को बयान भी दिए हैं।
सूत्रों के मुताबिक पूछताछ में डॉक्टरों ने कुछ ऐसी जानकारियां दी हैं, जिससे लोकल नेटवर्क का खुलासा होगा। साथ ही उन्होंने एंट्रेंस में शामिल होने को लेकर कुछ और नई जानकारियां भी सीबीआई को दी हैं। पूछताछ किए जाने वाले डॉक्टरों के संबंध सरगना पी गुरवी रेड्डी और गंगाधर रेड्डी से हैं और नकल के दौरान दोनों के संपर्क में थे।