संशोधित स्मार्ट सिटी प्रस्ताव में शहर के बेहतर विकास के लिए 4685.68 करोड़ रुपये खर्च करने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही निगम की आय में भी बढ़ोत्तरी होने के स्त्रोत दर्शाए गए हैं। यह जानकारी शहरी स्थानीय निकाय विभाग के प्रधान सचिव अनिल कुमार ने दी।
शामिल किए गए अन्य सुझावों में हाउसकीपिंग सुविधाओं वाले सार्वजनिक निजी भागीदारी पद्धति पर स्काई वे, मेट्रो व रेलवे स्टेशनों के साथ जुड़े स्मॉल वेंडिंग क्योस्क, फुटपाथ के रूप में पैदल यात्री पथ, अलग-अलग एनएमटी लेन, ओपन एयर जिम्रेजियम तथा प्रदूषण को कम करने और 'ग्रीन फरीदाबादÓ विकसित करने के उद्देश्य से राजमार्गों तथा सड़कों के साथ-साथ सघन पौधरोपण को शामिल किया गया है।
स्मार्ट सिटी प्रस्ताव में क्षेत्र आधारित विकास के लिए 2108 करोड़ रुपये, स्मार्ट मोबिलिटी इनिशिएटिव के लिए 377.67 करोड़ रुपये, स्मार्ट तथा टिकाऊ नागरिक अवसंरचना पहलों के लिए 543.63 करोड़ रुपये, स्मार्ट शहरीकरण के लिए 1186.70 करोड़ रुपये तथा पैन-सिटी सोल्यूशन के लिए 469.68 करोड़ रुपये का कुल प्रस्तावित व्यय शामिल है।
गम की आय बढ़ाने के लिए जो विभिन्न परियोजनाओं को चिन्हित किया गया है उसमें प्रतिवर्ष 39.12 करोड़ रुपये का रेंटल राजस्व शामिल है। पब्लिक पार्किंग राजस्व प्रतिवर्ष अनुमानित 6.20 करोड़ किया गया है और निगम की जमीन बेचने पर 428.38 करोड़ रुपये एक मुश्त राजस्व मिलने का अनुमान लगाया गया है। स्मार्ट सिटी के नोडल अधिकारी डीआर भास्कर ने बताया कि जून माह में फास्ट ट्रैक शहरों की सूची घोषित हो सकती है। इस बार का प्रस्ताव पहले की अपेक्षा बहुत ही अच्छा बनाया गया है।