फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

खिड़वाली गोशाला से गायब हुईं निगम की 333 गाय, देखभाल के नाम पर वसूले डेढ़ करोड़

Tue, 17 Jul 2018 04:30 AM IST
विजेंद्र कौशिक, अमर उजाला, रोहतक (हरियाणा)
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
 नगर निगम द्वारा 2013 में खिड़वाली गोशाला में छोड़ी गई 333 गाय गायब हो गई हैं। जबकि निगम के खाते से एक साल पहले ही उनकी देखभाल के लिए डेढ़ करोड़ का भुगतान किया जा चुका है। अब पिछले एक साल का बिल 50 लाख रुपये थमाया गया है, जिसके भुगतान पर नए निगम आयुक्त आरएस वर्मा ने रोक लगा दी है। गोशाला प्रधान का कहना है कि एक साल पहले भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने ही बिल का पेमेंट करवाया था, अब भी फोन करवा रखा है। मामले के सामने आने से निगम की सफाई ब्रांच में हड़कंप का माहौल है। जिम्मेदार अधिकारियों के पीसने छूट रहे हैं। 
विज्ञापन


निगम के सूत्रों का कहना है कि 2013 में नगर निगम की तरफ से कैटल फ्री अभियान चलाया, जिसमें 480 गायों को खिड़वाली गोशाला में छोड़ा गया था। निगम प्रशासन का कहना है कि छोड़ी गई गायों के कानों पर टैग लगाए गए थे, ताकि पहचान करने में आसानी रहे। इसके बाद 2017 तक 132 गाय और छोड़ी गईं। इसमें 48 गाय तो तत्कालीन आईजी श्रीकांत जाधव के पहल पर पुलिस द्वारा गोशाला में भेजी गईं थीं। 

तय समझौते के तहत निगम को प्रतिदिन एक गाय के 50 रुपये गोशाला को देने थे। एक तरह से हर माह एक गाय का खर्च निगम पर 1500 रुपये बनता है। गोशाला प्रबंधन ने एक साल पहले 2013 से जुलाई 2017 तक का बिल 1 करोड़ 55 लाख रुपये निगम से वसूल कर लिया था। इसके बाद निगम के रिकॉर्ड के मुताबिक 333 गाय खिड़वाली गोशाला में रह गईं।
विज्ञापन


इसके बाद निगम ने गोशाला खिड़वाली में कोई गाय नहीं भेजी, क्योंकि पहरावर में निगम ने अपनी गोशाला शुरू कर दी है। अब गोशाला की तरफ से एक साल का 333 गायों का बिल 50 लाख रुपये निगम को दिया गया है, जिसके भुगतान पर निगम आयुक्त ने रोक लगा दी है।  

बिना जांच नहीं होगा बिल का भुगतान : आयुक्त
खिड़वाली गोशाला प्रबंधन की तरफ से 50 लाख का बिल भेजा गया है। जांच करवाई तो गोशाला में टैग लगी गाय नहीं मिलीं। इस कारण बिल का भुगतान रोक दिया गया। पूरे मामले की जांच के लिए एक तीन सदस्यीय कमेटी गठित की है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद बिल का भुगतान करने या न करने पर फैसला लिया जाएगा। - आरएस वर्मा, आयुक्त नगर निगम 
विज्ञापन


पहले भूपेंद्र हुड्डा ने निकलवाए थे 1 करोड़ 55 लाख 
गोशाला के प्रधान धर्मपाल से सीधी बातचीत  
सवाल : खिड़वाली गोशाला का निगम ने कोई बिल रोका है?
जवाब : हां, जुलाई 2017 से अब तक का 50 लाख का बिल दिया हुआ है। 
सवाल : निगम भुगतान क्यों नहीं कर रहा?
जवाब : अधिकारी कह रहे हैं टैग लगी गाय नहीं हैं।
सवाल : अब तक आपने क्या किया?
जवाब : मंत्री से मिलने गए थे, लेकिन बात नहीं हो सकी। 
सवाल : आज दोबारा मंत्री से मिलने गए थे?
जवाब : नहीं, निगम आयुक्त से मिलना था, लेकिन मुलाकात नहीं हुई। 
सवाल : फिर अब?
जवाब : भूपेंद्र हुड्डा का फोन करवा रखा है। 
सवाल : भाजपा सरकार में हुड्डा की चल जाएगी? 
जवाब : 1 करोड़ 55 लाख भी तो हुड्डा ने ही दिलवाए थे। 
सवाल : हुड्डा सरकार के समय में?
जवाब : नहीं, एक साल पहले की बात है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें