गोरखपुर में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर आरक्षण आवंटन की सूची पर लोगों ने आपत्ति जतानी शुरू कर दी है। गुरुवार को आपत्ति दाखिल करने की प्रक्रिया शुरू हुई और पहले दिन 15 लोगों ने आपत्ति दाखिल की है। आपत्ति दाखिल करने की अंतिम तिथि आठ मार्च निर्धारित है। इसके बाद नौ से 12 मार्च तक आपत्तियों का निस्तारण होगा। बृहस्पतिवार को दाखिल 15 में से 12 आपत्तियां ग्राम प्रधान पद को लेकर थीं जबकि तीन लोगों ने जिला पंचायत वार्ड में आरक्षण पर सवाल खड़ा किया।
अधिकतर का यही तर्क है कि उनके यहां संबंधित वर्ग की आबादी कम है, फिर भी पद आरक्षित कर दिया गया। प्रधान पद के आरक्षण पर सवाल खड़ा करने वालों का कहना है कि उनके यहां आरक्षण बदलना चाहिए। जिला पंचायत सदस्य पद के लिए सामने आए आरक्षण ने कई दावेदारों के मंसूबों पर पानी फेर दिया है। कई महत्वपूर्ण नाम दौड़ से बाहर हो गए हैं।
आसपास के वार्ड भी आरक्षित होने के कारण वे चुनाव मैदान से बाहर रहने का विचार कर रहे हैं लेकिन इससे पहले आपत्ति के जरिए आरक्षण में बदलाव का एक प्रयास जरूर कर रहे हैं। पहले दिन प्राप्त आपत्तियों में से 14 विकास भवन स्थित जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) कार्यालय पर रिसीव किए गए हैं। एक आपत्ति भरोहिया ब्लॉक पर आयी। ब्लॉक पर आयी आपत्ति प्रधान पद से जुड़ी थी।
जिला पंचायत राज अधिकारी हिमांशु शेखर ठाकुर ने कहा कि पहले दिन 15 आपत्तियां प्राप्त हुई हैं। इनमें से 14 जिला मुख्यालय पर जबकि एक भरोहिया ब्लॉक पर दर्ज करायी गई है। जो भी आपत्ति आ रही है, उसे रजिस्टर पर दर्ज कर रिसीविंग दी जा रही है।