एकलव्य आदिवासी आवासीय विद्यालय
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एकलव्य आदिवासी आवासीय विद्यालय से एक बार फिर दो छात्रों के भागने का मामला सामने आया है। दोनों ही छात्र किसी अप्रिय घटना की अनिभिज्ञ छात्रावास के छत से खुदकर वहां से लगभग आठ किलोमीटर दूर अपने एक रिश्तेदार के घर में मिले। हालांकि इससे पहले भी इस आवासीय विद्यालय में एक ऐसी ही घटना घटित होने के बाद भी व्यवस्था नहीं सुधारी जा सकी।
एकलव्य आदिवासी आवासीय विद्यालय लाटा गौरेला के टिकरकला कंपोजिट बिल्डिंग में संचालित है। शुक्रवार सुबह वहां पर रहकर पढ़ाई करने वाले दो छात्र अपने रूम में नहीं मिले। दो छात्रों के इस तरह छात्रावास से गायब होने की जानकारी चौकीदार और स्टाफ ने अपने अधिकारियों को दी। आनन-फानन में छात्रावास अधीक्षक और स्टाफ के द्वारा बच्चों को खोजने के लिए आसपास के साथ-साथ गायब बच्चों के रिश्तेदारों के घर में भी खोजने के लिए स्टाफ को भेजा गया। आखिरकार लगभग 11 बजे दोनों बच्चों को पेंड्रा में एक रिश्तेदार के घर में पाया गया।
इसके बाद दोनों ही बच्चों को छात्रावास लाया गया, जहां पर पूछताछ के दौरान पता चला कि एक छात्र मनेन्द्रगढ़ के चंवारीढांड का रहने वाला था, जो 9वीं क्लास का है तो दूसरा छात्र 7वीं क्लास का था, जो रतनपुर का रहने वाला है। दोनों छात्र देर रात छात्रावास की पहली मंजिल से बार्जा में कूदकर लगभग 10 फुट की ऊंचाई से नीचे कूदकर छात्रावास से भागे थे और लगभग आठ किलोमीटर दूर पैदल चलते हुए अपने एक रिश्तेदार के घर पहुंच गए।
हालांकि राहत की बात तो यह रही कि रात के समय सुनसान जगह से होते हुए दोनों छात्र पैदल आठ किलोमीटर दूर अपने रिश्तेदार के घर पहुंच गए। इस बीच कोई अप्रिय घटना घटित नहीं हुई। वहीं, पिछले दिनों भी एकलव्य आवासीय विद्यालय लाटा से ही दो छात्र भाग गए थे, जो दूसरे दिन छात्रावास के पास एक तालाब के किनारे अचेत हालात में मिले थे।
वहीं, अब उसी तरह का यह दूसरा मामला सामने आने के बाद एक बार फिर एकलव्य आदिवासी आवासीय विद्यालय में रहकर पढ़ाई करने वाले सैकड़ो छात्र-छात्राओं की सुरक्षा को लेकर सवालिया निशान उठा रहे हैं। हालांकि विद्यालय प्रबंधक जल्द ही छात्रावास की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उपाय करने की बात कह रहे हैं।