स्वच्छ भारत मिशन जो 2 अक्टूबर 2014 को व्यापक राष्ट्रीय आंदोलन के रूप में शुरू किया गया था। जिसका उद्देश्य दो अक्टूबर 2019 तक “स्वच्छ भारत” की परिकल्पना को साकार करना था। इस अभियान के अंतर्गत, सभी ग्राम पंचायतों में कचरा प्रबंधन के लिए सेग्रीगेशन शेड बनाने की योजना बनाई गई। इन शेडों का मुख्य उद्देश्य गीला और सूखा कचरा का प्रबंधन करना था, जिसमें महिला स्व सहायता समूहों के माध्यम से गांवों में घर-घर से कचरा एकत्रित कर उसे कचरा प्रबंधन यूनिट तक भेजा जाता है। वहां सुखा कचरा और गीला कचरा से कंपोस्ट खाद और अन्य उत्पाद बनाए जाते हैं।
कोंडागांव जिले में वर्ष 2019-20 से अब तक 567 सेग्रीगेशन शेड बनाए जाने की स्वीकृति मिली है, जिनमें से 356 शेड बन चुके हैं और 211 शेड अभी निर्माणाधीन हैं। इसके अलावा, 2021-22 से पहले स्वीकृत हुए 42 सेग्रीगेशन शेड आज तक निर्माणाधीन हैं। सेग्रीगेशन शेड के लिए जरूरी सामान जैसे रिक्शा , हाथ गाड़ी, शेड सभी अब कबाड़ में तब्दील होने लगे हैं। पूर्ण हो चुके 356 सेग्रीगेशन शेड में से किसी भी जगह शेड का कोई उपयोग नहीं हो रहा है। जिला पंचायत सीईओ अविनाश भोई ने संबंधित तकनीकी सहायकों और जनपद पंचायत सीईओ को नोटिस जारी कर लंबित कार्यों को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सभी 567 स्वीकृत सेग्रीगेशन शेड को जल्द ही पूरा कराया जाएगा और ग्राम पंचायतों को निर्देश दिया जाएगा कि महिला स्व सहायता समूह के माध्यम से उनकी पूरी उपयोगिता सुनिश्चित करें।
भोई ने बताया कि स्वच्छ भारत मिशन का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण इलाकों में स्वच्छता को बढ़ावा देना और कचरा प्रबंधन को व्यवस्थित करना है। सेग्रीगेशन शेड का निर्माण इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे न केवल पर्यावरण संरक्षण होगा, बल्कि महिलाओं के स्वावलंबन और आर्थिक सशक्तिकरण में भी मदद मिलेगी।
स्वच्छ भारत मिशन के तहत कोंडागांव जिले में चल रही गतिविधियों ने स्थानीय समुदाय को भी जागरूक किया है। गांवों में स्वच्छता के प्रति लोगों की सोच में बदलाव आया है और वे इस अभियान का हिस्सा बनने के लिए प्रेरित हो रहे हैं। सेग्रीगेशन शेड के निर्माण से स्थानीय महिलाओं को रोजगार के अवसर भी मिल रहे हैं, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार हो रहा है।
भोई ने आगे बताया कि जिन शेडों का निर्माण अभी तक नहीं हो पाया है, उनके लिए तकनीकी सहायकों को नोटिस जारी कर शीघ्रता से निर्माण कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा, महिला स्व सहायता समूहों को प्रशिक्षित कर उन्हें कचरा प्रबंधन के कार्य में शामिल किया जाएगा, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता की दिशा में अधिक प्रभावी कदम उठाए जा सकें। कोंडागांव जिले के सभी सेग्रीगेशन शेडों को जल्द ही पूरा करने का लक्ष्य है, जिससे स्वच्छ भारत मिशन के उद्देश्यों को साकार किया जा सके और ग्रामीण इलाकों में स्वच्छता का स्तर बढ़ाया जा सके।