सीजीपीएससी भर्ती में गड़बड़ी मामले को लेकर बिलासपुर हाईकोर्ट में दायर याचिका पर सोमवार को राज्य सरकार और सीजीपीएससी ने जवाब पेश कर दिया है। बंद लिफाफे में राज्य शासन और आयोग ने जांच रिपोर्ट पेश की है। जिस पर याचिकाकर्ता के वकील ने रिज्वाइंडर प्रस्तुत करने के लिए के लिए दो हफ्ते का समय मांगा है। अब मामले की सुनवाई छह नवंबर को होगी।
पिछली सुनवाई के दौरान राज्य शासन की तरफ से मामले की सुनवाई के लिए समय मांगा गया था। इसके बाद हाईकोर्ट ने 16 अक्तूबर तक मोहलत दी थी। सोमवार को सुनवाई के दौरान राज्य शासन की तरफ से कहा गया है कि सीजीपीएससी भर्ती की आयोग के विशेषज्ञों की टीम द्वारा जांच की गई है। वही जांच रिपोर्ट हाईकोर्ट में पेश की गई है। बताया जा रहा है कि जांच रिपोर्ट में किसी तरह की कोई गड़बड़ी सामने नहीं आई है। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता भाजपा नेता ननकी राम कंवर के वकील ने प्रतिजवाब प्रस्तुत करने के लिए समय मांगा। इस पर कोर्ट ने मामले की सुनवाई छह नवंबर तक बढ़ा दी है।
बता दें कि सीजीपीएससी 2021-22 फर्जीवाड़ा और नियुक्ति रद्द करने की मांग को लेकर पूर्व गृहमंत्री और विधायक ननकी राम कंवर ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की है। याचिका में पीएससी की ओर से भर्ती प्रक्रिया में फर्जीवाड़ा का आरोप लगाते हुए 18 चयनित उम्मीदवारों की सूची कोर्ट के सामने पेश की है। इसमें पीएससी के तत्कालीन अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी के पांच से ज्यादा करीबी रिश्तेदारों को नियुक्ति देने का आरोप है। साथ ही राज्य लोक सेवा आयोग के सचिव अमृत खलखो के बेटी और बेटे, मुंगेली के तत्कालीन कलेक्टर एल्मा के बेटे, कांग्रेस नेता राजेंद्र शुक्ला के बेटे, बस्तर नक्सल ऑपरेशन डीआईजी की बेटी सहित 18 लोगों की सूची पेश की गई है।