पूर्व मंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने भूपेश सरकार के कैबिनेट मंत्री शिव डहरिया के बयान पर पलटवार किया है। आरएसएस पर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी पर बृजमोहन अग्रवाल ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि आरएसएस देश की ताकत है, देशभक्ति की पाठशाला है। ऐसे सामाजिक संगठन पर अशोभनीय टिप्पणी करना देशभक्तों का अपमान है। उन्होंने सवाल करते हुए पूछा कि कांग्रेस बताएं कि आजादी की लड़ाई के ढाई सौ सालों के इतिहास में कौन सा कांग्रेसी शहीद हुआ।
बीजेपी के वरिष्ठ विधायक ने कहा कि कांग्रेस को आरएसएस फोबिया हो गया है। वह घबराकर अनर्गल बयानबाजी कर रही है। उन्हें लड़ना है, तो भाजपा से लड़ें। देशहित में काम कर रहे सामाजिक संगठन आरएसएस पर टिप्पणी करने से बाज आए। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर पन्ने पलटने शुरू कर दें, तो कांग्रेसी मुंह दिखाने के लायक नहीं रहेंगे। वो मुखबिरी करने की बात करते हैं। पूरे देश को पता है कि महान देशभक्त क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद की मुखबिरी कर हत्या किसने करवाई?, कांग्रेस को अपने गिरेबान में झांकने की नसीहत देते हुए कहा कि इतिहास के पन्नों में दर्ज है कि कांग्रेस के बड़े नेताओं ने महात्मा गांधी के साथ कैसा व्यवहार किया? उनकी इच्छाओं को पूरा नहीं होने दिया। सुभाष चंद्र बोस के साथ कांग्रेस ने क्या किया, सबको मालूम हैं।
उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी और सरदार पटेल भी संघ की देशभक्ति से प्रभावित थे। वे भी संघ की शाखाओं में गए थे। जब भारत पाकिस्तान का विभाजन हुआ, भारत-चीन युद्ध,भारत-पाक युद्ध हुआ उस दौर में भी संघ भारत के लोगों की सेवा के लिए और सैनिकों की मदद के लिए खड़ा रहा। आज भी देश पर कोई संकट आता है, तो सबसे पहले आरएसएस के स्वयंसेवक मोर्चे पर खड़े रहते हैं। विधायक बृजमोहन ने कहा कि देशहित में काम कर रहे सामाजिक संगठन आरएसएस पर टिप्पणी करके कांग्रेस ने देश के प्रति समर्पित होकर काम कर रहे लोगों का अपमान कर रही है।
कांग्रेस के पुरखे अंग्रेजों के दलाल थे: डॉ. कृष्णमूर्ति बांधी
बीजेपी के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री और विधायक डॉ. कृष्णमूर्ति बांधी ने आरंग में राजीव भवन के उद्घाटन कार्यक्रम में मंत्री शिव डहरिया के बयान को घोर आपत्तिजनक करार देते हुए कहा है कि वे जो वैचारिक जहर उगल रहे हैं। वह उनके नेता के यहां से शर्बत में मिलाकर पीकर आये हैं। दरअसल, अंग्रेजों के चाटुकार आरएसएस के लोग नहीं बल्कि उनके पुरखे अंग्रेजों के दलाल थे, जिनकी चाटुकारिता में छत्तीसगढ़ को लूट-लूटकर दक्षिणा भेजी जा रही है। वो अंग्रेजों के गुलाम वे थे, जिन्होंने क्रांतिकारियों की पैरवी नहीं की और देशभक्तों को फांसी पर चढ़वा दिया। जिस पार्टी का जन्मदाता ही अंग्रेज हो, वह किस हैसियत से अंग्रेजों से लड़ सकती है। डहरिया न तो आजादी का इतिहास जानते हैं और न ही आजादी की वह कीमत उन्हें पता है, जो आजादी के परवानों ने चुकाई है।
'सूबेदार के साथ चाटुकारिता कर रहे'
डहरिया अपने सूबेदार के साथ जिस खानदान की चाटुकारिता में समर्पित हैं, उसका इतिहास यह है कि राष्ट्र का भूगोल बिगड़ गया। यदि अंग्रेजों के ये चापलूस उस समय अपने गोरे मालिकों के साथ मिलकर साजिश न करते तो भारत के टुकड़े न होते। कांग्रेस का काला अतीत रहा है, इसलिए वह देश भर में कालातीत हो गई। आज भी भारत विरोधी अभियान में शामिल होकर टुकड़े टुकड़े गैंग के साथ खड़ी है। अंग्रेजों के हिमायती आजकल चीन से चंदे की चिन्दी बटोर रहे हैं। अमरीका में जाकर मुस्लिम लीग को सेक्युलर बता रहे हैं, जो पाकिस्तान दुनिया भर से भीख मांग रहा है, उससे मदद की भीख मांग रहे हैं।
'कांग्रेस ने गांधी सरनेम को राजनीतिक ट्रेडमार्क बनाया, उनके सिद्धांतों की हत्या की'
प्रदेश भाजपा प्रवक्ता डॉ. कृष्णमूर्ति बांधी ने कहा कि कांग्रेस ने गांधी जी को जीते जी मार डाला। बापू चाहते थे कि आजादी के बाद कांग्रेस नाम की वह संस्था समाप्त कर दी जाए, जो केवल आजादी के आंदोलन का एक मंच थी और जिसमें सभी देशवासियों के सहयोग था, लेकिन कांग्रेसी जिस खानदान के बंधुआ बने हुए हैं, उसके पूर्वज ने राजनीतिक मुनाफे और पुश्तान पुश्त तक राज करने के इरादे से गांधी के विचार को खारिज कर दिया। कांग्रेस ने गांधी जी के नाम को राजनीतिक ट्रेडमार्क बनाया, लेकिन उनके सिद्धांतों की हत्या कर दी। जबकि भाजपा ने गांधी जी के दर्शन के आधार पर देश और देश की जनता के लिए काम किया है। गरीबों का भला किया है। छत्तीसगढ़ में सत्ता में बैठे राशनखोर तो गरीब की छत से लेकर निवाला तक हड़प गए। दरअसल कांग्रेस की विदाई का समय आ गया है। सारे भ्रष्टाचारी सही ठिकाने पर पहुंच गए हैं तो कांग्रेसियों का मानसिक संतुलन बिगड़ गया है।
जानें, क्या कहा था मंत्री डहरिया ने
नगरीय प्रशासन मंत्री शिवकुमार डहरिया ने रायपुर के आरंग में राजीव भवन के लोकार्पण कार्यक्रम में मंच से कहा कि आरएसएस के लोग अंग्रेजों के चाटुकार और मुखबिर थे। मुखबिरी करके कई लोगों को फांसी दिलाने का काम किया। वे इतने पर ही नहीं रुके। उन्होंने अशोभनीय टिप्पणी करते हुए केंद्र की मोदी सरकार और बीजेपी पर तंज कसते हुए कहा कि ये लोग संसद में कांग्रेस नेताओं को बोलने नहीं देते हैं। ये लोग हिटलर के औलाद हैं। केंद्र की बीजेपी सरकार कालनेमी की तरह काम कर रही है। RSS-बीजेपी के नेता नाथूराम गोडसे ने महात्मा गांधी को गोली मारी थी। उनके इस बयान के बाद से ही छत्तीसगढ़ की सियासत गरमाई हुई है। बीजेपी डहरिया को चौतरफा घेरने में लगी हुई है। लगातार जुबानी हमले कर रही है।