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हेट स्पीच मामले में बीजेपी कार्यकर्ताओं को नोटिस: भड़के ओपी चौधरी और कौशिक, बोले- ऐसा करना कांग्रेस का इतिहास

Sun, 16 Apr 2023 05:42 PM IST
ललित कुमार सिंह अमर उजाला ब्यूरो, रायपुर

सार

उन्होंने कहा कि प्रदेश में कांग्रेस जज की भूपेश सरकार की पुलिस बीजेपी कार्यकर्ताओं को तथाकथित रूप से हेट स्पीच के लिए नोटिस दे रही है। यह इनका गजब का दोहरा चरित्र है।
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बीजेपी नेता ओपी चौधरी, धरमलाल कौशिक - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले के बिरनपुर मामले में बीजेपी के 8 कार्यकर्ताओं को पुलिस की ओर से नोटिस थमाए जाने पर प्रदेश की सियासत गरमाई हुई है। इस मामले में पूर्व आईएएस और बीजेपी महामंत्री ओपी चौधरी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कांग्रेस जज की भूपेश सरकार की पुलिस बीजेपी कार्यकर्ताओं को तथाकथित रूप से हेट स्पीच के लिए नोटिस दे रही है। यह इनका गजब का दोहरा चरित्र है। 

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उन्होंने कहा कि बॉडी लैंग्वेज से लेकर बयानों तक अगर हेट स्पीच का कोई सरगना है तो वह स्वयं मुख्यमंत्री भूपेश बघेल हैं। राज्यपाल से लेकर प्रधानमंत्री तक के बारे में अनर्गल और आपत्तिजनक टिप्पणी करते हैं। इनमें जरा भी सामान्य शिष्टाचार नहीं है। संवैधानिक संस्थाओं का भद्दा मजाक उड़ाते हैं। इन के विधायक बृहस्पत सिंह सरेआम अधिकारी को पीट देते हैं और भूपेश बघेल कहते हैं कि यह आपस का मामला है। इनके मंत्री कवासी लखमा बच्चों को कुसंस्कार की शिक्षा देते हुए कहते हैं कि अगर नेता बनना है, तो कलेक्टर-एसपी की कॉलर पकड़ो। क्या कांग्रेस में नेता बनने की यही बुनियादी शिक्षा है कि गुंडागर्दी करो। इनकी विधायक शकुंतला साहू रेत के अवैध उत्खनन के मामले में तहसीलदार को जाकर धमकाती हैं। प्रदेश में माव लिंचिंग से एक युवक की हत्या होती है और इनके मंत्री अमरजीत भगत कहते हैं कि छोटी घटना घटी।

'आवाज उठाने वाले बीजेपी नेताओं पर केस दर्ज कर रही भूपेश सरकार'
ओपी चौधरी ने कहा कि भाजपा के कार्यकर्ता और नेता छत्तीसगढ़िया युवक की नृशंस हत्या के मामले में न्याय के लिए, उचित मुआवजा राशि के लिए, अपने विपक्ष धर्म का निर्वहन करते हुए आवाज उठा रहे हैं तो आप उनके खिलाफ मामले दर्ज करते हैं। दरअसल, गांधी नेहरू परिवार को खुश करने यूपी में 50- 50 लाख रुपये बांटने वाले भूपेश बघेल की बौखलाहट यह है कि भाजपा के आवाज उठाने पर इन्हें मजबूरी में 10 लाख रुपए सांत्वना राशि देना पड़ा। 10 जनपद को छोड़कर किसी को पैसा देना इन्हें बर्दाश्त नहीं होता। ये छत्तीसगढ़ियों को पैसा देना ही नहीं चाहते। इनकी लापरवाही से छत्तीसगढ़ के कई युवा खिलाड़ियों की मृत्यु हुई। उन्हें उचित सहयोग राशि नहीं दिया। उनकी जान की कीमत 3 लाख लगाई गई। भाजपा इस अन्याय का विरोध करती है। यही भूपेश बघेल की बौखलाहट का असल कारण है।
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हत्यारें हाथ काटकर ले जा रहे, पुलिस का कोई पता नहीं : कौशिक
वहीं पूर्व विधानसभा अध्यक्ष धरमलाल कौशिक ने प्रदेश की कानून व्यवस्था को लेकर सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए ई सवाल दागे। उन्होंने बिलासपुर  में हुई युवक की हत्या को लेकर प्रदेश सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य बनने के बाद प्रदेश की पुलिस आज जितनी बेबस लाचार है, उतनी कभी नहीं रही। कांग्रेस सरकार में हत्या, चोरी, बलात्कार, तस्करी और नशाखोरी इस मात्रा में बड़ी हुई है कि आम लोगों का अब जीना दूभर हो गया है। अपराधी दिनदहाड़े बेरहमी से हत्या करके हाथ काट कर ले जातें हैं और पूलिस का कोई अता-पता नहीं है। 

'अपराधियों के हौसले बुलंद, पुलिस के कदम पीछे'
कौशिक ने कहा कि गांव-गांव के साथ राजधानी व न्यायधानी की पुलिस को सख्त होना चाहिए। अपराधियों पर नकेल कसनी चाहिए। इसके विपरीत अपराधियों को देखकर पुलिस के कदम पीछे हो रहे है। उन्होनें कहा कि यह केवल अकेली घटना नहीं है पिछले साढ़े चार वर्षो में अनेक ऐसी घटनाएं घटित घटी हैं, जो शासन और प्रशासन के लापरवाही और कुनीतियों का प्रमाण है।
 
'खानापूर्ति कर रही राज्य सरकार'
उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर प्रदेश की सरकार और पुलिस प्रशासन कर क्या रही है? दिनदहाड़े इस तरह की हत्याएं आए दिन हो रही हैं और पुलिस को इसकी जानकारी ही नहीं मिल पा रही है। यह समझ से परे है। पूर्व विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि प्रदेश के मुखिया भूपेश बघेल इस तरह से चिंता मुक्त है, मानो जनता के प्रति उनकी कोई जवाबदारी ही नहीं है। पुलिस केवल राजनीतिक मामलों में कांग्रेस सरकार को खुश करने के लिए अपनी सक्रियता दिखा रही है। आम लोगों के लिए घट रही घटनाएं उनके लिए आम हो गई है। प्रदेश की कानून व्यवस्था दुरूस्त करने और बढ़ते अपराध पर अंकुश लागाने में विफल कांग्रेस सरकार केवल खानापूर्ति कर रही है।

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