ये है पूरा मामला
बीते रविवार को इस गांव से 5 किमी दूर एमपी-सीजी बॉर्डर पर गांव के शिव प्रसाद साहू उर्फ कचरू साहू का शव फांसी पर लटके मिला। इसकी हत्या की शक को लेकर ग्रामीणों ने गांव के रघुनाथ साहू के घर हमला कर दिया। घर को आग के हवाले कर दिया है। कबीरधाम एसपी डॉ. अभिषेक पल्लव अपनी टीम के साथ गांव में पहुंचे थे। इस दौरान ग्रामीणों ने पुलिस टीम पर हमला कर दिया। देर शाम पुलिस की टीम गांव के भीतर आग लगे हुए घर पर पहुंची, जहां पर रघुनाथ साहू का शव जला हुआ मिला। इस गांव में भूमि विवाद चल रहा था।
रघुनाथ साहू के परिवार व ग्रामीणों के बीच काफी दिनों से विवाद चला आ रहा था। रविवार को इस विवाद ने रौद्र रूप ले लिया। जिस युवक की शव जंगल में मिली है, वह एमपी के बालाघाट जिले के बिरसा थाना क्षेत्र में आता है। ऐसे में बालाघाट पुलिस मामले की जांच कर रही हैं। गांव में आगजनी व हत्या को लेकर पुलिस ने कुल 69 लोगों को गिरफ्तार किया। बुधवार को इन आरोपियों में प्रशांत साहू (27) निवासी ग्राम लोहारीडीह की कवर्धा जेल में मौत हो गई। इसके बाद पूरा मामला बदल गया। परिजनों ने मारपीट का आरोप लगाया।
मृतक प्रशांत साहू के शरीर में चोट के निशान मिले। मृतक की मां का कहना है कि उन्हें व उनके बेटे को पुलिस गिरफ्तार कर जंगल रेंगाखार थाना ले गई, जहां पुलिस ने भयंकर पिटाई की। कई लोगों के कपड़े उतारकर उन्हें मारा गया। महिलाओं को भी नहीं बख्शा। महिला आरक्षक ने भी मारपीट की। थाने में गांव के लोगों को मारा जा रहा था, जबकि सभी निर्दोष हैं। इस घटनाक्रम के बाद 2020 बैच के आईपीएस अधिकारी विकास कुमार को बुधवार देर रात को कवर्धा विधायक व डिप्टी सीएम गृह मंत्री विजय शर्मा ने सस्पेंड कर दिया। इसके बाद शुक्रवार को दो पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया गया है। घटना के छह दिन बाद वर्तमान में गांव में पुलिस व प्रशासन की टीम मौजूद है।