विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर केन्द्रीय पर्यटन मंत्रालय द्वारा इस वर्ष छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले के सरोधा-दादर गांव को राष्ट्रीय स्तर पर रजत श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ पर्यटन ग्राम का पुरस्कार दिया गया है। सरोधा- दादर को देश भर के 795 पर्यटन ग्रामों की प्रतियोगिता में विभिन्न मापदंडों के आधार पर सर्वश्रेष्ठ ग्राम के रूप में चुना गया। पर्यटन दिवस के अवसर पर नई दिल्ली में आयोजित समारोह में सरोधा-दादर गांव के मंगल सिंह धुर्वे ने यह पुरस्कार ग्रहण किया। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, मंत्री व कवर्धा विधायक मोहम्मद अकबर ने भारतीय पर्यटन मानचित्र पर कबीरधाम जिले के ग्राम सरोधा दादर को राष्ट्रीय स्तर पर रजत श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ पर्यटन ग्राम का पुरस्कार मिलने पर बधाई एवं शुभकामनाएं दी है।
कबीरधाम जिला प्रशासन ने आमंत्रित किया था
बता दें कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा कबीरधाम जिले में पर्यटन के विकास की संभावनाओं को विस्तार देने के लिए अलग-अलग प्रयास किए जा रहे हैं। ग्रामीण पर्यटन ग्राम सरोधादादर के विकास के अध्ययन के लिए कलेक्टर जन्मेजय महोबे, जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल द्वारा राज्य के अलग-अलग जिलों में ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने वाले इन्फ्लूएंसर को आमंत्रित कर भ्रमण कराया गया था। साथ ही कबीरधाम जिले में ग्रामीण पर्यटन के विकास की संभावनाओं के अध्ययन से अवगत भी कराया गया था।
विदेशी सैलानी भी आते हैं सरोधा-दादर
गौरतलब है कि जिला मुख्यालय कवर्धा से करीब 50 किमी और चिल्फीघाटी से पांच किलोमीटर दूर स्थित सरोधा-दादर पर्वतों और घाटियों के बीच समुद्र तल से करीब तीन हजार फीट ऊंचाई पर स्थित है। यहां आम तौर पर पूरे साल यहां पर्यटक आते रहते हैं, लेकिन अक्टूबर माह से उनकी संख्या बढ़ने लगती है। ठंड के मौसम में यहां का तापमान कभी-कभी शून्य से नीचे भी चला जाता है।
यहां भारत के विभिन्न राज्यों के अलावा इंग्लैंड, स्विट्जरलैंड और आस्ट्रेलिया से भी सैलानी आते हैं। खास तौर पर चिल्फीघाटी और सरोधा-दादर में प्रकृति का आनंद लेने के लिए यहां पर्यटकों की आवाजाही बहुत अधिक रहती है।