आरोपी का साथ देने वाली समतरिया बाई और राजो बाई को दोषी मानते हुए 20-20 साल का सश्रम कारावास और दो-दो हजार रुपए अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड का भुगतान नहीं करने पर छह माह अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
कबीरधाम जिले के फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट ने नाबालिग के साथ दुष्कर्म मामले में आरोपी युवक व उसके सहयोगी दो महिलाओं को 20-20 वर्ष की सजा सुनाई है। यह मामला जिले के बोड़ला थाना क्षेत्र का है। गुड़ फैक्ट्री में आरोपी प्रदीप उर्फ सुशांत यादव (26) के साथ काम करने के दौरान पीड़िता की जान पहचान हुई। साथ काम करते हुए आरोपी द्वारा शादी का प्रलोभन देकर पीड़िता के साथ शारीरिक संबंध बनाया।
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25 अप्रैल 2022 की रात्रि बहला फुसलाकर आरोपी के सहयोगी समरतिया बाई यादव (35) और राजोबाई जायसवाल (35) द्वारा कवर्धा बस स्टैंड तक ले जाकर आरोपी प्रदीप उर्फ सुशांत यादव के सुपुर्द किया। इसके बाद आरोपी द्वारा पीड़िता को बस से राजनांदगांव, फिर राजनांदगांव से तिरूपति तक ट्रेन में ले जाकर अलग-अलग जगह में पत्नी के रूप में रखकर शीरीरिक संबंध बनाता रहा।
कोर्ट में चली सुनवाई बाद आरोपी युवक प्रदीप उर्फ सुशांत यादव को धारा 363 के तहत तीन वर्ष, धारा 366 के तहत पांच वर्ष, धारा 376 (3) के तहत 20 वर्ष और धारा छह लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम के तहत 20 वर्ष के सश्रम कारावास और तीन हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया। यदि अर्थदंड का भुगतान नहीं करेगा तो छह माह का अतिरिक्त कारवास भुगतना होगी।
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आरोपी का साथ देने वाली समतरिया बाई और राजो बाई को दोषी मानते हुए 20-20 साल का सश्रम कारावास और दो-दो हजार रुपए अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड का भुगतान नहीं करने पर छह माह अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।