नाबालिक बालिका का विवाह पिपरस्त्ती निवासी लड़के से 24 फरवरी को होने जा रहा था। नाबालिक बालिका का उम्र का सत्यापन की गई, जिसके बाद नाबालिक बालिका के परिजनों समझाया गया।
जांजगीर चांपा जिले के ग्राम तरौदा में किशोरी के विवाह पर जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंच कर विवाह को रोका गया। नाबालिक कन्या की अंकसूची में आयु का मिलान किया गया। जिसमे 16 वर्ष 11 माह का होना पाया गया जिस पर नाबालिक बालिका के परिजनों और वर पक्ष के लोगो को समझाईस दी गई है।
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मिली जानकारी के अनुसार जिला प्रशासन को सूचना मिली की ग्राम तरौद नाबालिक बालिका की विहाह हो रही है। जिसपर कलेक्टर आकाश छिकारा के निर्देशन में जिला महिला बाल विकास अधिकारी अनिता अग्रवाल के निर्देश पर जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारी की टीम मौके पर पहुंची। जहां बालिका की अंकसूची की जांच की गई इस दौरान बालिका की उम्र 16 साल 11 माह 2 दिन का होना पाया गया।
नाबालिक बालिका का विवाह पिपरस्त्ती निवासी लड़के से 24 फरवरी को होने जा रही थी। नाबालिक बालिका का उम्र का सत्यापन की गई, जिसके बाद नाबालिक बालिका के परिजनों समझाया गया। बाल विवाह से होने वाले दुष्परिणाम के बार में जानकारी दी गई, बाल विवाह करने पर कानूनी कार्रवाई के बारे में बताया गया जिसके बाद परिजनों ने शादी रोक दी।
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बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006, 21 वर्ष से कम आयु के लड़के और 18 वर्ष से कम आयु की लड़की के विवाह को प्रतिबंधित करता है। यदि कोई व्यक्ति 21 वर्ष से कम आयु का लड़के और 18 वर्ष से कम आयु की लड़की का बाल विवाह करता है अथवा उसमें सहायता करता है तथा बाल विवाह को बढ़ावा देता है, उसकी अनुमति देता है, बाल विवाह में सम्मिलित होता है तो 2 वर्ष तक के कठोर कारावास अथवा जुर्माना जो कि 1 लाख रुपए तक हो सकता है अथवा दोनों से दण्डित किया जा सकता है।