एसआईएस कंपनी में सिक्युरिटी गार्ड के तौर पर काम करने वाले एक सिक्युरिटी गार्ड की पत्नी ने जहर खाकर आत्महत्या करने की कोशिश की। महिला को गंभीर हालत में उपचार के लिए मेकाज लाया गया है। वहीं सिक्युरिटी गार्ड ने आरोप लगाया है कि विगत 2 माह से वेतन नहीं मिलने के कारण घर में राशन सामान नहीं होने के साथ ही बच्चों के स्कूल सामानों की पूर्ति नहीं हो पाई। जिसकी वजह से परेशान पत्नी ने जहर खा लिया।
मामले की जानकारी देते हुए सिक्युरिटी गार्ड घासीराम यादव ने बताया कि वह धरमपुरा स्थित देवकी विहार में एसआईएस सिक्युरिटी एन्ड इंटेलिजेंट सर्विस ऑल इंडिया लिमिटेड में काम कर रहा है। घासीराम ने बताया कि वह जगदलपुर में रहकर काम कर रहा था, जबकि उसकी पत्नी मिलको यादव 35 वर्ष अपने चार बच्चों के साथ ही पिता और भाई के साथ सुकमा जिले के केरलापुर के ग्राम गोलाबेकुर में निवास कर रही थी।
घासी ने बताया कि सोमवार की दोपहर को पत्नी ने फोन कर 2 माह से पैसे नहीं भेजने का कारण पूछा। पैसा नही दिए जाने व सैलरी के बारे में कंपनी की ओर से कोई भी जवाब नहीं मिलने के कारण घर में उपयोग होने वाले समान के साथ ही रोजमर्रा के दैनिक उपयोगी सामानों के अलावा बच्चों के स्कूल के खर्च को पूरा नहीं कर पाने के कारण घर की स्थिति बिगड़ गई।
पत्नी ने पैसे नहीं भेजने से नाराज होकर जहर खाने के बाद फोन पर पति को जानकारी दी। पति ने डर के चलते अपने पिता समरथ और भाई रोशन को फोन पर सूचना दी घर पहुंचे परिजनों ने महिला को बेहतर उपचार के लिए सुकमा जिला अस्पताल ले जाया गया। जहा खराब हालत को देखते हुए उसे मेकाज भिजवाया गया। जहां महिला का उपचार चल रहा है।
घासी ने आरोप लगाते हुए यह भी बताया कि कंपनी में बहुत लोग काम कर रहे थे, लेकिन पैसे समय पर नही मिलने के कारण नौकरी छोड़कर चले गए हैं, सिक्युरिटी गार्ड का कहना है कि गरीबों की गुहार कंपनी तक नहीं पहुॉंच पा रही है, जिसके कारण इन परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।