पीसीसी चीफ दीपक बैज ने कहा कि नगरनार इस्पात संयंत्र के निजीकरण का विरोध कांग्रेस लगातार कर रही है और प्रदेश सरकार तो संयंत्र खरीदने के लिए भी तैयार है लेकिन भाजपा की केंद्र सरकार इसे निजी हाथों में देने में तुली हुई है।
जगदलपुर के नगरनार स्टील प्लांट के निजीकरण और एनएमडीसी के मुख्यालय को हैदराबाद से जगदलपुर लाने सहित अन्य मांगों को लेकर सर्व आदिवासी समाज, पिछड़ा वर्ग कल्याण संघ और मूल निवासी समाज ने दो अक्टूबर को नगरनार में आमसभा और फिर तीन अक्टूबर को बस्तर बंद का आह्वान किया है। इस आंदोलन को कांग्रेस ने अपना समर्थन दे दिया है।
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पीसीसी चीफ दीपक बैज ने कहा कि नगरनार इस्पात संयंत्र के निजीकरण का विरोध कांग्रेस लगातार कर रही है और प्रदेश सरकार तो संयंत्र खरीदने के लिए भी तैयार है लेकिन भाजपा की केंद्र सरकार इसे निजी हाथों में देने में तुली हुई है। पीसीसी चीफ की इस घोषणा के बाद अब स्थानीय कांग्रेसी बंद को लेकर तैयारियों में जुट गये हैं।
सोमवार को कांग्रेस भवन में शहर जिलाध्यक्ष सुशील मौर्य और विधायक रेखचंद जैन ने इस संदर्भ में प्रेसवार्ता ली। सुशील मौर्य ने नगरनार स्टील प्लांट के निजीकरण के विरोध में बस्तर बंद को लेकर जानकारी देते हुए बताया कि स्टील प्लांट को बेचने के लिए केंद्र सरकार ने टेंडर जारी कर दिया है साथ ही इसके डिमार्जर की प्रकिया भी की जा रही है। पीएम मोदी और भाजापा बस्तरवासियों के साथ धोखा कर रहे हैं। साथ ही कहा कि बस्तर वासियों की उम्मीद को टूटने से बचाने के लिए बंद का आयोजन किया जा रहा है। इसका पूर्ण समर्थन कांग्रेस करती है।