दो महिला नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण
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दो महिला नक्सलियों ने गढ़चिरौली पुलिस के सामने किया आत्मसमर्पण
सरकार द्वारा वर्ष 2005 में घोषित आत्मसमर्पण योजना के कारण और हिंसा के जीवन से तंग आकर नक्सलियों समेत कई नक्सलियों ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया हैं। साथ ही, आत्मसमर्पित नक्सलियों के लिए पुलिस बल द्वारा चलाये जा रहे पुनर्वास योजना के चलते अबतक कुल 666 नक्सलियों ने गढचिरौली पुलिस बल के सामने आत्मसमर्पण किया हैं। 27 जून को दो महिला जहाल नक्सली बाली ऊर्फ रामबत्ती ऊर्फ झरीना नरोटे और शशीकला ऊर्फ चंद्रकला ऊर्फ सुनंदा ऊर्फ मनिषा ऊईके ने आत्मसमर्पण कर दिया।
आत्मसमर्पण का कारण बना ये वजह
दलम के वरिष्ठ नक्सलियों का कहना है कि आंदोलन एवं लोगों के लिए पैसा जमा करो, लेकिन वास्तव में इकठ्ठा किया गया पैसा वरिष्ठ नक्सली लोगों के विकास कार्य के लिए न करते हुए अपने निजी काम के लिए इस्तेमाल करते हैं, वरिष्ठ नक्सली महिलाओं से भेदभाव जनक बर्ताव करते हैं। मुखबीर होने के संदेह पर हमारे भाई बहनों को मारने को कहा जाता है। 8 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था।
आत्मसमर्पण के बाद सरकार की और मिलने वाले ईनाम
आत्मसमर्पण के बाद पुनर्वास के लिए केंद्र और राज्य सरकार की ओर से बाली ऊर्फ रामबत्ती ऊर्फ झरीना नरोटे को कुल पांच लाख रुपयों का ईनाम घोषित किया है, आत्मसमर्पण के बाद पुनर्वास के लिए केंद्र और राज्य सरकार की ओर से शशीकला ऊर्फ चंद्रकला ऊर्फ सुनंदा ऊर्फ मनिषा ऊईके को कुल पांच लाख रुपयों का ईनाम घोषित किया है, वर्ष 2022 से 2024 तक कुल 19 जहाल नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया हैं। आत्मसमर्पण कर मुख्याधारा में लाने की कार्यवाही में संदीप पाटील विशेष पुलिस महानिरीक्षक (नक्सल विरोधी अभियान) नागपुर, अंकित गोयल, पुलिस उपमहानिरीक्षक गढचिरौली परिक्षेत्र, नीलोत्पल पुलिस अधीक्षक गढ़चिरौली के मार्गदर्शन में की गई है।