सीएम शिवराज के कन्या पूजन पर दिग्विजय का निशाना
बीते सोमवार को शिवराज सिंह ने जैसे ही कन्या पूजन किया वैसे ही पत्रकारों ने इस पर पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह से प्रतिक्रिया मांगी। कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने कहा कि इससे ज्यादा झूठा नाटक नौटंकी वाला मुख्यमंत्री मैंने आज तक नहीं देखा है। वहीं इससे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए भी खतरा महसूस कर रहे हैं। वो भी कहते हैं कि हमसे बड़ा नौटंकीबाज कैसे हो गया।
शिवराज का दिग्विजय को करारा जवाब
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि जो लोग बहन बेटियों को टंच माल कहते हैं, आइटम कहते हैं। वे कन्या पूजन का महत्व क्या समझेंगे। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने सोमवार को नवमी के अवसर पर अपने निवास पर 350 से ज्यादा कन्याओं का पूजन कर उन्हें भोज करवाया था।
शिवराज ने एक सभा के दौरान फिर साधा निशाना
एक चुनावी सभा के दौरान बेटियों के पैर पखारते मुख्यमंत्री शिवराज ने कहा कि मुझे कहते हुए बहुत दर्द और पीड़ा है। बेटियों की पूजा सनातन संस्कार है। पूरा देश कल बेटियों को पूजा कर रहा था। बेटियों के पांव पूजा कर रहा था। बेटियों के पांव पखारे जा रहे थे। कन्या भोज किये जा रहे थे। मैंने भी बेटियों की पूजा की थी। हां मैं तो रोज बेटियों की पूजा करता हूं, लेकिन बेटियों को पूजा को आप नाटक नौटंकी कहते हैं। आप जैसी घटिया सोच वाले ही बेटियों की पूजा और उनका सम्मान सहन नहीं कर पाते हैं। यह आपके संस्कार होंगे दिग्विजय सिंह जी, मैं तो रोज बेटियों की पूजा करता हूं और करता रहूंगा। बहनों की पूजा करता रहूंगा।
छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल ने परिवार संग की थी कन्या पूजा
नवमी पर्व पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आवास पर मां दुर्गा की विशेष पूजा अर्चना की थी। वहीं महानवमी पर हवन और पूजन भी किया। सीएम ने नियमानुसार नौ कन्याओं का भी पूजन किया और सभी कन्याओं के पैर धोकर उन्हें तिलक लगाया। इसके बाद सभी को भोजन कराया। इस दौरान मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का पूरा परिवार मौजूद था।
यूपी मुख्यमंत्री ने किया कन्या पूजन
वहीं दूसरी तरफ नवमी के दिन गोरक्षपीठाधीश्वर और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पीठ की परंपरा का निर्वहन कर अपने ध्येय को और मजबूती दी। नवरात्र की नवमी पर सीएम योगी ने विधि विधान से कन्या पूजन किया और मातृशक्ति की आराधना की। मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की प्रतीक नौ कुंवारी कन्याओं के पांव पखारे, चुनरी ओढाई, आरती उतारी, श्रद्धापूर्वक भोजन कराया। इसके अलावा उन्होंने दक्षिणा और उपहार भी दिया। इसके बाद उनका आशीर्वाद भी लिया। मुख्यमंत्री ने परम्परा का निर्वहन करते हुए बटुक पूजन भी किया।