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छत्तीसगढ़ : विधानसभा का शीतकालीन सत्र दो दिन पहले ही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित, भाजपा ने कांग्रेस पर साधा निशाना 

Thu, 16 Dec 2021 01:45 AM IST
Kuldeep Singh पीटीआई, रायपुर

सार

छत्तीसगढ़ विधानसभा का शीतकालीन सत्र समय से दो दिन पहले ही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित होने पर भाजपा ने इस कदम को अलोकतांत्रिक और असंसदीय बताया। भाजपा ने कहा कि कांग्रेस का इतिहास लोकतांत्रिक मूल्यों का उल्लंघन करने और सदन में चर्चा से दूर भागने का रहा है।
 
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छत्तीसगढ़ विधानसभा - फोटो : Social Media
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विस्तार
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छत्तीसगढ़ विधानसभा का शीतकालीन सत्र निर्धारित समय से दो दिन पहले ही बुधवार को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया। विधानसभा में इसकी विपक्षी दल भाजपा ने आलोचना की। भाजपा ने इस कदम को अलोकतांत्रिक और असंसदीय बताया। सत्तारूढ़ कांग्रेस लोकतांत्रिक मूल्यों के उल्लंघन के उदाहरणों से भरी पड़ी है।

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पार्टी के एक बयान में कहा गया है कि बृजमोहन अग्रवाल, सौरभ सिंह और ननकीराम कंवर सहित भाजपा विधायकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने विधानसभा अध्यक्ष चरण दास महंत से मुलाकात की और विपक्ष से सहमति लिए बिना समय से पहले सत्र के समापन पर नाराजगी व्यक्त की। शीतकालीन सत्र सोमवार से शुरू हुआ था और शुक्रवार को समाप्त होना था।

सदन ने सरकारी विधेयकों और अनुपूरक बजट को पारित करने सहित, दिन के लिए सूचीबद्ध सभी कार्यों को पूरा करने के बाद विधानसभा को स्पीकर द्वारा अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दिया। स्पीकर ने शाम को विधानसभा परिसर में होने वाले कार्यक्रम को भी रद्द कर दिया।
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जब विधानसभा अनिश्चित काल के लिए स्थगित की गई तब भाजपा सदस्य सदन में मौजूद नहीं थे क्योंकि उन्होंने पहले छत्तीसगढ़ सरकार के महिला स्वयं सहायता समूहों से खाने के लिए तैयार पोषण खाद्य निर्माण कार्य राज्य के बीज निगम को सौंपने के फैसले पर दिन भर की कार्यवाही का बहिष्कार किया था। 

अग्रवाल ने सत्र के अचानक समाप्त होने को अलोकतांत्रिक और असंसदीय करार दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का इतिहास लोकतांत्रिक मूल्यों का उल्लंघन करने और सदन में चर्चा से दूर भागने का रहा है।

उन्होंने कहा, कांग्रेस सरकार चर्चा से डरती है और किसी भी मुद्दे पर सौहार्दपूर्ण बहस नहीं करना चाहती है। उसे डर है कि कहीं उसकी मनमानी, कुकर्म और भ्रष्टाचार का पर्दाफाश न हो जाए। उन्होंने एक अतिरिक्त व्यावसायिक सूची लाई और विपक्ष के साथ चर्चा किए बिना सत्र का समापन किया।

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