छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के युवाओं का अनूठा प्रदर्शन सभी का ध्यान आकर्षित कर रहा है। दरअसल ये जिले की खस्ताहाल सड़कों को लेकर गीत व नारों का इस्तेमाल कर क्षेत्र के मतदाताओं को उलाहने दे रहे हैं।
प्रदर्शन के दौरान कुछ युवा पोस्टर लेकर खस्ताहाल सड़क के पास खड़े होते हैं और वहां गीत गाते हैं। उनकी तख्तियों पर नारे लिख हैं- 'साड़ी, रुपये में बिक जाओगे तो ऐसा ही रोड पाओगे।' '10 रुपये में मुर्गा खाओगे तो ऐसे ही मुर्गे बन जाओगे'। जहां ये युवा प्रदर्शन कर रहे हैं, वहां अनेक गड्ढे हैं और कीचड़ व पानी से भरे हैं।
तख्तियों पर लिखे हैं रोचक व चुटीले नारे
इन युवाओं के हाथों में तरह-तरह के नारे लिखी तख्तियां हैं। जैसे कि 'मुस्कुराइए, आपने कोरबा को बर्बाद कर दिया है।' '10 रुपये का मुर्गा खाओगे तो ऐसे ही मुर्गा बन जाओगे।' युवाओं का यह प्रदर्शन कोरबा के बुधवारी बाजार से घंटाघर निहारिका जाने वाली सड़क पर चल रहा था। उनके हाथों में नारे लिखे बैनर थे।
प्रदर्शनकारी युवाओं का कहना है कि वे चाहते हैं कि लोगों को इस बात का एहसास हो जाए कि सड़कों की दुर्दशा के लिए वो खुद जिम्मेदार हैं। जन संगठन के विशाल केलकर के अनुसार हम पांच-छह साल से शहर के लिए संघर्ष कर रहे हैं। शहर की सड़कों पर चलना मुश्किल हो गया है। जब कोई सुनवाई नहीं हुई तो यह तरीका निकाला। कोरबा में सड़कों के हाल बदहाल हैं। मरम्मत के नाम पर खानापूर्ति होती है। कुछ ही दिनों में गड्ढे उभर आते हैं और शासन-प्रशासन को मुंह चिढ़ाते हैं।