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CG: सावधान! जरा संभलकर; महादेवघाट में उमड़ रही भक्तों की भीड़, नहीं है सुरक्षा के इंतजाम, देखें Ground Report

Sun, 04 Aug 2024 07:32 PM IST
ललित कुमार सिंह अमर उजाला ब्यूरो, रायपुर

सार

Mahadev Ghat temple raipur; Sawan Somvar 2024: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित महादेवघाट में सावन में शिवभक्तों की भारी भीड़ उमड़ रही है।
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महादेव घाट स्थित एनीकट - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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Mahadev Ghat temple raipur; Sawan Somvar 2024: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित महादेवघाट में सावन में शिवभक्तों की भारी भीड़ उमड़ रही है। कांवड़िये हटकेश्वरनाथ महादेव का दर्शन करने के लिये रायपुरा पहुंचते हैं। रायपुर और छत्तीसगढ़ के कोने-कोने से लोग अपने यहां के नदी और नल से जल लेकर जलाभिषेक करने महादेवघाट आते हैं पर यहां पर सुरक्षा को लेकर कोई भी पुख्ता इंतजाम नहीं किये गये हैं। ऐसे में यहां पर कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। दरअसल, श्रद्दालु और शिवभक्त जब भगवान हटकेश्वरनाथ का दर्शन करने पहुंचते हैं, तो वो इस दौरान यहां पर हटकेश्वरनाथ और  खारुनेश्वर महादेव का दर्शन करके के साथ ही एनीकट, लक्ष्मण झूला और मनमोहक गॉर्डन का सैर करना नहीं भूलते। 

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बरसात के मौसम में यहां पर बने एनीकट (जिसे कृतिम जल प्रपात का शक्ल दिया गया है) पर सेल्फी लेते हैं। इस दौरान पैर फिसलने से कई लोग काल के गाल में समा चुके हैं, तो कई लोग घायल हो चुके हैं। इसके बाद भी यहां पर प्रशासन ने कोई सांकेतिक बोर्ड नहीं लगाया है, जिससे लोगों को सावधान रहने के लिए मैसेज दिया जा सके न ही नगर निगम ने यहां पर कोई ग्रिल लगाया है। यहां पर सुरक्षा व्यवस्था नहीं होने से हमेशा हादसे का खतरा बना रहता है। 

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बरसात के समय नदी का जल स्तर बढ़ जाता है। ऐसे में यहां पर बने एनीकट को देखने के लिए रायपुर और आस-पास के लोग महादेवघाट पहुंचते हैं। इस दौरान वहां पर सेल्फी लेते हैं। सालभर के अंदर कई मौतें हो चुकी हैं। अभी बरसात के दो महीने ही बीते हैं और दो महीने शेष बचे हैं। इन दो महीने में ही करीब 5 से 7 लोगों की नदी में डूबने से मौत हो चुकी है। सबसे ज्यादा एनीकट को देखने युवा वर्ग पहुंचते हैं। बरसात में यहां मनमोहक नजारा होने से यहां आने वाले सैलानियों की संख्या तेजी से बढ़ जाती है। 
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ऐसे में लोग सेल्फी के चक्कर में नदी में डूब जाते हैं। कई हादसे का शिकार भी हो चुके हैं। दूसरी महादेवघाट में गुमटी, ठेले और फास्ट फूड की दुकाने सजने लगी हैं। एक तरह से यहां पर पिकनिक स्पॉट बन चुका है। नगर निगम इन दुकानदारों से फीस तो जरूर वसूल रहा है पर सुरक्षा को लेकर कोई सावधानी नहीं बरत रहा है। ऐसे में लोगों के लिए जान का खतरा बना हुआ है। नदी तट पर सुरक्षा को लेकर कोई व्यवस्था नहीं की गई है। बच्चे और युवा बेधड़क आते-जाते रहते हैं। रायपुर और दुर्ग जिले का यह बॉर्डर होने से एक तरफ दुर्ग तो दूसरी ओर रायपुर से लोग महादेवघाट आते हैं। 

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