Jhiram Ghati Naxal Attack: 25 मई 2013 को झीरम घाटी में हुए सबसे बड़े नक्सली हमले में तत्कालीन प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नंदकुमार पटेल, बस्तर टाइगर महेंद्र कर्मा, पूर्व केंद्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ल सहित 29 लोगों की मौत हो गई थी।
झीरम घाटी में हुए सबसे बड़े नक्सली हमले पर शनिवार को जांच आयोग ने छत्तीसगढ़ की राज्यपाल अनुसुईया उइके को 4184 पेज की रिपोर्ट सौंपी है। झीरम आयोग के सचिव एवं छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार (न्यायिक) संतोष कुमार तिवारी ने राज्यपाल को यह रिपोर्ट सौंपी है।
विज्ञापन
25 मई 2013 को नक्सलियों ने कांग्रेस नेताओं के काफिले पर घात लगाकर हमला किया था। इस हमले में 29 लोगों की मौत हो गई थी। झीरम घाटी में हुए अब तक के सबसे बड़े नक्सली हमले में तत्कालीन प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नंदकुमार पटेल, बस्तर टाइगर महेंद्र कर्मा, पूर्व केंद्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ल सहित कई बड़े लोग मारे गए थे।
झीरम घाटी नक्सली हमले में कांग्रेस के दिग्गज नेताओं की मौत के बाद विपक्ष में रहने के दौरान कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर जांच में देरी करने का आरोप लगाया था। वहीं प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद जांच में तेजी आई। ढाई साल से ज्यादा समय के बाद आयोग ने अपनी रिपोर्ट राज्यपाल को सौंपी है। अब यह रिपोर्ट विधानसभा के पटल पर रखी जाएगी।
विज्ञापन
झीरम घाटी हमले की जांच के लिए भाजपा सरकार ने 28 मई 2013 को छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश प्रशांत कुमार मिश्रा की अध्यक्षता में आयोग का गठन किया था। मिश्रा छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश भी थे। वर्तमान में मिश्रा आंध्रप्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश हैं।
कांग्रेस सरकार बनने के बाद झीरम कांड में मारे गए राजनांदगांव के कांग्रेस नेता उदय मुदलियार के बेटे जितेंद्र मुदलियार ने झीरम थाने में रिपोर्ट पर दर्ज कराई थी, जिस पर जांच के लिए भूपेश सरकार ने एसआइटी (विशेष जांच एजेंसी) का गठन किया था। इससे पहले एनआईए (राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण) ने छह साल की जांच के बाद 39 नक्सलियों के खिलाफ दो चार्जशीट पेश की और नौ नक्सलियों को गिरफ्तार किया था।