छत्तीसगढ़ के कांग्रेस वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक रमेश वर्ल्यानी का रविवार को निधन हो गया। उन्होंने हरियाणा के गुरुग्राम में एक अस्पताल में अंतिम सांस ली। बताया जा रहा है कि दिल का दौरा पड़ने की वजह से उनकी हालत बिगड़ गई, जिसके बाद उनका निधन हो गया। परिवार के एक सदस्य ने यह जानकारी दी। वह 75 वर्ष के थे। उनके परिवार में पत्नी, दो बेटे और एक बेटी हैं।
उनके छोटे भाई मोहन वर्ल्यानी ने कहा कि वर्ल्यानी को 14 दिसंबर को दिल का दौरा पड़ने के बाद रायपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उन्हें एक एयर एंबुलेंस के जरिए गुरुग्राम लाया गया और शुक्रवार को मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उन्होंने रविवार दोपहर करीब 12 बजे आखिरी सांस ली। उन्होंने कहा कि उनका पार्थिव शरीर रायपुर ले जाया जाएगा और अंतिम संस्कार सोमवार को होगा।
प्रदेश कांग्रेस की संचार इकाई के प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने बताया कि एक अधिवक्ता वर्ल्यानी 1977 में अविभाजित मध्य प्रदेश की रायपुर ग्रामीण सीट से जनता पार्टी के टिकट पर विधायक चुने गए थे। साल 2000 में छत्तीसगढ़ के गठन से पूर्व वह कांग्रेस में शामिल हो गए थे और पार्टी में प्रवक्ता व महासचिव समेत विभिन्न पदों रहे।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने ट्वीट कर वर्ल्यानी के निधन पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने ट्वीट किया कि पूर्व विधायक व वरिष्ठ कांग्रेसी नेता रमेश वर्ल्यानी का निधन शोक संतप्त करने वाला है। वह आर्थिक मामलों के अच्छे जानकार थे। मैं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष रहते हुए और अब भी समय-समय पर उनसे सलाह मशविरा लेता रहता था। ईश्वर उनके परिजनों को यह दुख सहने की शक्ति प्रदान करे। ओम शांति।