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'सरकार की लापरवाही से अप्रिय स्थित': बालौदाबाजार आगजनी पर भूपेश और बैज ने समाज से की शांति बनाए रखने की अपील

Mon, 10 Jun 2024 08:15 PM IST
ललित कुमार सिंह अमर उजाला ब्यूरो, रायपुर

सार

Balodabazar violent: बलौदाबाजार में आगजनी की घटना पर छत्तीसगढ़ की सियासत गरमा गई है। पूर्व सीएम भूपेश बघेल और पीसीसी चीफ दीपक बैज का बयान सामने आया है। 
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पूर्व सीएम भूपेश बघेल, पीसीसी चीफ दीपक बैज - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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Balodabazar violent: बलौदाबाजार में आगजनी की घटना पर छत्तीसगढ़ की सियासत गरमा गई है। पूर्व सीएम भूपेश बघेल और पीसीसी चीफ दीपक बैज का बयान सामने आया है। बघेल ने कहा कि बलौदाबाजार में हुई हिंसा की घटना चिंताजनक है। अगर शासन-प्रशासन ने समय पर आवश्यक कदम उठाए होते तो लोगों की नाराजगी को इस हद तक जाने से रोका जा सकता था। सतनामी समाज बाबा घासीदास के बताए शांति और सद्भाव के रास्ते पर चलने वाला समाज है। मैं समाज के लोगों से शांति बनाए रखने की अपील करता हूं।

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पीसीसी चीफ दीपक बैज ने कहा कि बलौदाबाजार की घटना दुर्भाग्यपूर्ण है। मैं लोगों से शांति बनाये रखने का आग्रह करता हूं। सरकार की लापरवाही से यह अप्रिय स्थित निर्मित हुई है। पंद्रह दिनों पहले असामाजिक तत्वों द्वारा पवित्र जैतखाम को नुकसान पहुंचाने के मामले में त्वरित कठोर कार्यवाही की गयी होती, तो शायद यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना नहीं होती। मैं लोगों से अपील करता हूं संयम और शांति बनाये रखें कानून को हाथ में न लें। सभ्य समाज में हिंसा कदापि भी बर्दास्त नहीं। बाबा साहब के बनाये कानून पर भरोसा रखें। 
 

हिंसा किसी समस्या का समाधान नहीं, लोग संयम बरतें
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि साय सरकार की अकर्मण्यता के चलते ही बलौदाबाजार में कानून व्यवस्था बिगड़ी है। यदि समय रहते जैतखाम को क्षति पहुंचाने वालों पर कार्यवाही की गई होती और आहत समाज से संवाद किया गया होता तो ऐसी अप्रिय स्थिति निर्मित नहीं होती। धार्मिक भावनाएं आहत होने पर आंदोलित समाज को विश्वास में लिया गया होता तो ऐसे विध्वंसक प्रतिक्रिया नहीं होती।
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प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बैज ने कहा कि गिरौदपुरी धाम से 5 किलोमीटर दूर एक बस्ती मानाकोनी है। यहां पर पुरानी गुफा है, जो बाघिन गुफा के नाम से प्रचलित है। जहां जैतखाम और सतनामी समाज के पूजा स्थल में तोड़-फोड़ की गई थी। इससे पूरे सतनामी समाज में आक्रोश है। इसके बाद समाज के लोगों ने पहले भी प्रर्दशन और चक्काजाम करके विरोध प्रदर्शन किया था। पूरे घटनाक्रम में घोर प्रशासनिक लापरवाही स्पष्ट है। साय सरकार आने के बाद से छत्तीसगढ़ में कानून व्यवस्था बेहद खराब हो चुकी है। डबल इंजन की सरकार में छत्तीसगढ़, मणिपुर की तरह जल रहा है।

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