सीएम भूपेश बघेल के राजनीतिक सलाहकार विनोद वर्मा ने ली पीसी
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CG Election 2023: मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के राजनीतिक सलाहकार विनोद वर्मा ने यूपी के पूर्व कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह पर जमकर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि भाजपा प्रवक्ता सिद्धार्थनाथ सिंह ने मेरी मानहानि की है। भाजपा के दो प्रदेश प्रवक्ता भी इसमें शामिल हैं। जानबूझकर बदनाम करने का षडयंत्र किया गया है। चेतावनी देते हुए कहा कि वे लोग माफी मांगें या मुकदमा के लिए तैयार रहें।
उन्होंने कहा कि महादेव ऐप की जांच का काम छत्तीसगढ़ पुलिस ने शुरु किया। अब तक 72 मामले दर्ज किए गए हैं और 449 लोगों को गिरफ़्तार किया जा चुका है।191 लैपटॉप, 865 मोबाइल फ़ोन और डेढ़ करोड़ से अधिक की संपत्ति और 16 करोड़ रुपए बैंक खातों में जब्त किए गए हैं। छत्तीसगढ़ में दर्ज मामलों के आधार पर ही प्रत्यावर्तन निदेशालय यानी ईडी ने जांच शुरू की है। रायपुर पुलिस के साइबर सेल ने 12 अक्टूबर 2022 को गूगल को एक पत्र लिखकर कहा था कि महादेव ऐप गूगल प्ले स्टोर में उपलब्ध है, चूंकि भारत में जुआ खेलना अपराध है। इस ऐप के माध्यम से जुआ खिलवाया जा रहा है, इस ऐप को बंद कर दिया जाए और इस ऐप को बनाने और चलाने वालों के नाम पुलिस को बताए जाएं। इस पत्र के बाद गूगल ने महादेव ऐप को गूगल प्ले स्टोर से हटा दिया।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ पुलिस ने ही जांच के बाद पाया कि महादेव ऐप के संचालक रवि उप्पल और सौरभ चंद्राकर हैं। इसके बाद पुलिस ने इन दोनों के खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी किया। इसके बाद से लगातार छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल लगातार कह रहे हैं कि इन अपराधियों को केंद्र सरकार गिरफ़्तार करे क्योंकि वे इस देश में नहीं रहते और छत्तीसगढ़ पुलिस के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता कि वे किसी अपराधी को किसी दूसरे देश से गिरफ्तार करके लाएं। महादेव ऐप पर प्रतिबंध लगाने की मांग भी उन्होंने कई बार की है। उन्होंने आशंका जाहिर की थी कि ऐप पर रोक इसलिए नहीं लग रही है कि क्योंकि भाजपा के लोगों से संचालकों की सांठगांठ हो गई है।
कांग्रेस ने उठाए सवाल
- ईडी ने अब तक इस मामले में जिस तरह की कार्रवाई की है उससे कई सवाल उठ खड़े हुए हैं.
- एक अनजान व्यक्ति के बयान पर ईडी ने प्रेस नोट जारी कर दिया कि वह मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी को पैसे पहुंचाता था.
- अभी इस बात की जांच बाक़ी है कि इस बयान का सच क्या है, लेकिन ईडी ने भाजपा को चुनावी हथियार दे दिया है.
- ईडी ने इस बारे में अभी कोई प्रेस नोट जारी नहीं किया है कि रवि उप्पल के भाई राहुल उप्पल की फ़ोटो भाजपा के जिन नेताओं से साथ दिखी है उनके बारे में वह क्या करने जा रही है.
- वह यह भी नहीं बता रही है कि महादेव ऐप के मालिकों में से एक सौरभ चंद्राकर की फ़ोटो जिस भाजपा नेता के साथ मिली है उसके बारे में वह क्या कर रही है.
- अभी यह भी जानना बचा है कि जिस कार में वह पैसा मिला, उसके मालिक के संबंध में वह क्या कार्रवाई करने जा रही है जो कथित तौर पर एक भाजपा नेता का भाई है.
- जिस व्यक्ति से करोड़ों की रकम बरामद हुई उसकी फ़ोटो भी भाजपा के एक बड़े नेता के साथ है, तो उनसे भी क्या पूछताछ होगी?
- इन सवालों के जवाब अभी नहीं मिलेंगे क्योंकि चुनाव का समय है और भाजपा के ऐम्बेडेड डिटेक्टिव्स यानी ईडी अभी अपने आकाओं के खिलाफ़ कार्रवाई तो दूर सोच तक नहीं सकती।