डिब्बे में 12 लाख रुपए के जेवरात थे। शंकर साहू ने आसपास जेवर का डिब्बा ढूंढा लेकिन नहीं मिला तो परेशान होकर उसने पचपेड़ी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। इस मामले की गुत्थी सुलझाते हुए पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है।
चोरी के मामले में खुलासा करते हुए एसपी संतोष सिंह ने बताया कि पचपेड़ी थाना क्षेत्र में फेरी लगाकर सोने-चांदी के जेवर बेचने वाले सर्राफा व्यापारी के बेशकीमती आभूषण चुराने वाले चोरों को पुलिस ने पकड़ा है। जांजगीर के रहने वाले शंकर साहू अपनी मां कमला बाई साहू के साथ फेरी लगाकर सोने चांदी के जेवर बेचता है। 4 अप्रैल को पचपेड़ी थाना अंतर्गत ग्राम मरारी में वह ग्राहकों को सोने चांदी के जेवर दिखा रहा था। इसी बीच मौका पाकर किसी ने सोने के जेवर से भरे एक डिब्बे को पार कर दिया।
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इस डिब्बे में 12 लाख रुपए के जेवरात थे। शंकर साहू ने आसपास जेवर का डिब्बा ढूंढा लेकिन नहीं मिला तो परेशान होकर उसने पचपेड़ी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। इस मामले की गुत्थी सुलझाते हुए पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है। और सोने के 12 लाख के जेवर आरोपी के ससुराल से बरामद कर लिए है।
वही दूसरे मामले का खुलासा करते हुए एसपी संतोष सिंह ने बताया कि रतनपुर थाना क्षेत्र के गांधीनगर निवासी अरविंद जयसवाल जो पेशे से जमीन का काम करता है, आदतन बदमाश भी है, उसके खिलाफ थाने में अपराधिक प्रकरण भी दर्ज है। रतनपुर के भारतीय स्टेट बैंक शाखा में अरविंद जायसवाल ने व्यवसाय हेतु लोन के लिए आवेदन किया था। अनुबंध पत्र के मुताबिक उसका लोन लिमिट तीन लाख रुपए था, लेकिन अरविंद ने बैंक मैनेजर व अन्य बैंक कर्मियों के साथ मिलकर 39 लाख रुपए का लोन प्राप्त कर लिया और रकम को व्यवसायिक उपयोग में न लगाकर उसका दुरुपयोग करता रहा।
लोन का रकम अदा न करने पर इसकी शिकायत रतनपुर थाने में की गई। जिसके बाद पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर आरोपी अरविंद जायसवाल को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में तत्कालीन बैंक मैनेजर और अन्य बैंककर्मियों की भी संलिप्तता की जानकारी मिली है। पुलिस ने फरार बैंककर्मियों की भी तलाश शुरू कर दी है।