तेंदूपत्ता ग्रामीणों की आय का मुख्य स्रोत है। इसलिए उनकी मांग है कि तेंदूपत्ता तोड़ाई का भुगतान नकद किया जाए। वहीं विधायक विक्रम मंडावी ने ग्रामीणों से कहा कि वे उनकी मांगों को सरकार के संज्ञान में लाएंगे।
तेंदूपत्ता का सीजन आते ही ग्रामीणों ने एक बार फिर से तेंदूपत्ता तोड़ाई के नकद भुगतान की मांग रखी हैं। ग्रामीणों ने अपनी इस मांग से क्षेत्रीय विधायक विक्रम मंडावी को ज्ञापन के माध्यम से अवगत कराया हैं।
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गुरुवार को जांगला क्षेत्र के ग्रामीणों ने विधायक विक्रम मंडावी से उनके भैरमगढ़ स्थित आवास में पहुंचकर, उनसे बात की और इस वर्ष तेंदूपत्ता तोड़ाई का नकद भुगतान किए जाने की मांग कर उन्हें ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों का कहना था कि बीजापुर जिला संवेदनशील एवं दुर्गम इलाका होने के कारण यहां बैंकों की कमी है, और जो बैंक हैं, वे ज्यादा दूर होने की वजह से वहां भुगतान लेने जाना संभव नहीं हो पाता।
तेंदूपत्ता ग्रामीणों की आय का मुख्य स्रोत है। इसलिए उनकी मांग है कि तेंदूपत्ता तोड़ाई का भुगतान नकद किया जाए। वहीं विधायक विक्रम मंडावी ने ग्रामीणों से कहा कि वे उनकी मांगों को सरकार के संज्ञान में लाएंगे। ज्ञापन सौंपने के दौरान पोदिया, रामलु पोयाम, बुधराम पोयाम, आयतु, रामू कुहरामी, चैतराम कोवासी, सोनधर कोवासी, मनीराम, भूपेंद्र कोरसा व रमेश बेंजाम सहित अन्य ग्रामीण मौजूद रहे। बता दें कि जिले में एक मई से तेंदूपत्ता तोड़ाई कार्य शुरू हो जाता है। लेकिन इस बार चार मई तक तोड़ाई का काम शुरू नहीं हो पाया था। बीजापुर वनमंडल के अंतर्गत इस बार 28 समितियां व 562 फड़ बनाए गए हैं। वहीं इस वर्ष वनमंडल ने एक लाख 21 हजार 600 मानक बोरा तेंदूपत्ता खरीदी का लक्ष्य निर्धारित किया हैं।