मुख्यमंत्री ने इस मौके पर जिला अस्पताल बीजापुर का नामकरण महादेव राणा शासकीय जिला चिकित्सालय बीजापुर करने की घोषणा की। उन्होंने बीजापुर जिले के आवापल्ली स्थित उसूर चौक को नागुर दोरला चौक के नाम से नामकरण करने की घोषणा की। साथ ही उन्होंने नवीन शासकीय आदर्श महाविद्यालय जावंगा( गीदम) का नामकरण वीरांगना मासक देवी नाग शासकीय आदर्श महाविद्यालय के नाम पर करने की घोषणा की। इसके साथ ही उन्होंने चेरपाल, वरदली, संकनपल्ली और पापनपाल में नवीन धान उपार्जन केंद्र एवं मादेपुर तथा जारपल्ली में नवीन प्राथमिक शाला खोलने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने इस मौके पर कहा कि बीजापुर अब कितना बदल गया है। 5 साल पहले जब यहां मुझे बुलाया जाता था तो सड़क मार्ग से आते थे, कार्यक्रम में भाषण देते हुए धीरे से कोई कहता था भैया! जल्दी खत्म करो वापस जाना है। लेकिन आज बीजापुर में सभी सुरक्षित महसूस करते हैं। बीजापुर के लोगों में विश्वास बढ़ा है। बड़ी संख्या में कैंप खुले हैं जो इससे पहले कभी नहीं खुले थे। इतनी सड़कें बनी हैं जो पहले कभी नहीं बने थे। बहुत सारे मोटरसाइकिल खरीदे गए, जो पहले नहीं थे। 1000 से अधिक ट्रैक्टर खरीदे गए हैं, जो पहले नहीं थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले जब मैं भेंट-मुलाकात कार्यक्रम में आया था, यहां के लोग दो ही चीज मांगते थे। या तो हमारे यहां धान खरीदी केंद्र, बैंक खोल दो और दूसरा स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल खोल दो। मुझसे धान खरीदी केंद्रों की मांग की जाती है क्योंकि पहले की तुलना में दो से ढाई गुना ज्यादा धान का उत्पादन हो रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बीजापुर जिले में बंद पड़े 200 स्कूल पुनः आरंभ हो चुके हैं। बीजापुर जिले में 14 स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल खोले गये हैं। आज बस्तर फाइटर में अकेले बीजापुर से 300 नौजवानों को नौकरी मिली है। शिक्षकों की भर्ती हुई है। इन 5 वर्षों में अंदरूनी क्षेत्रों में भी 20 हजार से अधिक राशन कार्ड बने हैं। आज 20 से अधिक अस्पताल खुल गए हैं। इलाज हो रहा हैं, डॉक्टर तैनात हैं।
आगे कहा कि हमारे आदिवासियों को पट्टा नहीं मिल पाता था हमने व्यक्तिगत, वनाधिकार और सामुदायिक पट्टे दिए। देवगुड़ी का भी हमने सामुदायिक पट्टा दिया। देवताधामी के लिए भी हमने पट्टा दे दिया। पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति के लोगों के लिए पट्टा जारी किया है। सोलर पंप लगे हैं। लाइट पहुंच रही हैं। पिछले साल भेंट-मुलाकात कार्यक्रम में आए थे, ऐसे तालाब जो पुराने राजा, महाराजाओं के समय में बने थे सबके संधारण कार्य के लिए पैसा मांगा गया। हमने सभी तालाबों के संधारण की स्वीकृति दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले यहां साइकिल का शोरूम भी दुर्लभ था, वहां आज आठ-आठ ट्रैक्टर के शोरूम हैं। मोटरसाइकिल के शोरूम खुल रहे हैं, क्योंकि आज बिक्री हो रही है। हर पंचायत में आज ट्रैक्टर हैं। बहुत बड़ी बात है। 5 साल में यहां सरकार ने जो परिवर्तन लाया है, वह बहुत बड़ी बात है। पहले ढाई हजार में तेंदूपत्ता बेचते थे आज 4000 में बेच रहे हैं, महुआ, कोदो-कुटकी रागी आज बेचा जा रहा है। पहले कपड़े बाहर से आते थे। इन पांच वर्षों में यहां कपड़े बनने लगे, प्रोसेसिग यूनिट्स लगे। लोगों की आय में वृद्धि हुई है। हमने पेसा कानून लागू किया।
इस प्रकार से दुर्गम से दुर्गम क्षेत्रों में आवागमन की सुविधा हम लोग उपलब्ध करा रहे हैं। हास्टल के बच्चों की आदान राशि में हमने वृद्धि की। ओल्ड पेंशन लागू किया। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं के मानदेय में वृद्धि की। सभी वर्गों के लिए हमने काम किया है। बस्तर विकास की ओर चल पड़ा है। आदिवासियों की जमीन आपसे छीनी गई थी। इसे वापस किया गया है।
सीएम बघेल ने स्पोर्ट्स अकादमी के खिलाड़ियों को किया सम्मानित
- फोटो : अमर उजाला
सीएम बघेल ने स्पोर्ट्स अकादमी के खिलाड़ियों को किया सम्मानित
मुख्यमंत्री ने खेल एवं युवा कल्याण विभाग के स्टॉल में जापान एवं चीन में आयोजित एशिया कप प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वाले बीजापुर स्पोर्ट्स अकादमी के सॉफ्टबॉल के 5 खिलाड़ियों सहित प्रथम जनजातीय खेलो इंडिया नेशनल प्रतियोगिता भुवनेश्वर में भाग लेने वाली फुटबॉल टीम के सदस्य प्रमिला तेलम,कमला तेलम एवं ईशा कुड़ियम को सम्मानित किया। ज्ञातव्य है कि प्रथम जनजातीय खेलो इंडिया नेशनल प्रतियोगिता भुवनेश्वर में भाग लेने वाली छत्तीसगढ़ की फुटबॉल टीम ने फायनल में झारखंड को परास्त कर गोल्ड मेडल हासिल किया था। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने उसकापटनम कुटरु ने मांदर नर्तक दलों के साथ उत्साह के साथ मांदर बजाते हुए नृत्य किया।
छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा का किया अनावरण
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सीएम ने किया कलेक्टर कार्यालय परिसर में छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा का अनावरण
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने एक दिवसीय बीजापुर प्रवास के दौरान कलेक्टर कार्यालय परिसर में छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा का अनावरण किया और पुष्पार्पित कर उन्हें नमन किया। मुख्यमंत्री बघेल ने प्रतिमा अनावरण के उपरांत कहा कि छत्तीसगढ़ महतारी, छत्तीसगढ़ की अस्मिता, स्वाभिमान और सम्मान का प्रतीक हैं।
उन्होंने कहा कि सभी जिलों में छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा लगाई जा रही है ताकि लोगों में अपनी संस्कृति को लेकर चेतना जागृत की जा सके। अपने तीज-त्यौहार, लोक परम्पराओं को जानने-समझने का भावी पीढ़ी को पर्याप्त अवसर मिले, यही हमारा प्रयास है।
मुख्यमंत्री बघेल ने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार अपनी संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए संकल्पित होकर कार्य कर रही है। छत्तीसगढ़ के परंपरागत तिहारों का आयोजन किया जा रहा है। तीजा-पोरा, अक्ती, हरेली, छेरछेरा जैसे लोक जीवन के तिहारों को व्यापक स्तर पर मनाने की सार्थक पहल हुई है। बोरे-बासी को आज पूरा देश जानने लगा है। आदिवासी नृत्य महोत्सव, देवगुड़ी का कायाकल्प, आदिवासी परब सम्मान निधि जैसी पहल के माध्यम से जनजातीय संस्कृति को सम्मान दिलाने का काम किया गया है। इस अवसर पर उद्योग ,वाणिज्य कर एवं आबकारी मंत्री तथा बीजापुर जिले के प्रभारी मंत्री कवासी लखमा,विधायक विक्रम मंडावी जिला पंचायत अध्यक्ष शंकर कुड़ियम, उपाध्यक्ष कमलेश कारम एवं कलेक्टर राजेन्द्र कुमार कटारा सहित जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी गणउपस्थित थे।