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Bemetara Violence: बिरनपुर में बाहरियों की एंट्री पर रोक, स्थाई बैरिकेडिंग; सरपंच बोले- बाहर के लोग दखल न दें

Wed, 12 Apr 2023 03:49 PM IST
मोहनीश श्रीवास्तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बेमेतरा

सार

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बिरनपुर गांव में हुई हिंसा में मारे गए युवक 22 साल के भुनेश्वर साहू के परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने का एलान किया है। साथ ही उन्हें 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता भी प्रदान की जाएगी। साथ ही कमिश्नर के नेतृत्व में उच्च स्तरीय जांच के निर्देश दिए हैं। जांच टीम के एक सप्ताह में अपनी रिपोर्ट देनी होगी।
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बेमेतरा के बिरनपुर गांव में पसरा सन्नाटा। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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छत्तीसगढ़ में बेमेतरा के बिरनपुर गांव में तनावपूर्ण शांति छाई है। घटना के पांचवें दिन भी हालात सामान्य नहीं हो सके हैं। पुलिस ने बिरनपुर गांव में बाहरियों के प्रवेश पर रोक लगा दी है। इसके लिए मुख्य मार्ग पर स्थाई बैरिकेड्स लगाए गए हैं। वहीं गांव से 15 किमी पहले साजा में भी पुलिस फोर्स तैनात है। पूरे जिले में धारा-144 लागू है। वहीं सरपंच की ओर से भी बाहर के लोगों को दखल देने से मना किया गया है। पुलिस ने मकानों में आगजनी और तोड़फोड़ के मामले में तीन अलग-अलग एफआईआर दर्ज की है। इसके अलावा सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने पर एक के खिलाफ मामला दर्ज हुआ है। 

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जिले में फोर्स की 13 कंपनियां तैनात
गांव सहित पूरे जिले में शांति व्यवस्था कायम रखने के लिए प्रशासन की ओर से बड़े स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं। जिले में फोर्स की 13 कंपनियां तैनात हैं। गांव में बाहरी लोगों का प्रवेश पूरी तरह से रोक दिया गया है। इसके लिए वहां जाने वाले रास्तों पर लगी अस्थाई बैरिकेड्स को अब हटा दिया गया है। उसकी जगह सड़कें खोदकर स्थाई व्यवस्था की जा रही है। बताया जा रहा है कि हालात को देखते हुए बिरनपुर और साजा सहित अन्य जगहों पर 15 से 20 दिनों तक पुलिस बल की तैनाती रहेगी। जिले में भीड़, धरना-प्रदर्शन और सार्वजनिक कार्यक्रमों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। 
 

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सरपंच ने कहा- आपस में बैठकर हम सुलझा लेंगे मामला
चार दिन तक हिंसा की आग में जले बिरनपुर ग्राम पंचायत के सरपंच जेठूराम साहू अब सामने आए हैं। उन्होंने गांव में शांति-व्यवस्था बनाए रखने के लिए लोगों से सहयोग की अपील की है। सरपंच जेठूराम ने कहा कि, गांव में दो बच्चों के झगड़े के कारण इतनी बड़ी घटना हो गई है। लोगों से अपील कर रहे हैं कि बाहर के आदमी आकर ऐसा न करें। यह गांव का मामला है। आपस में बैठकर दोनों समुदाय के लोग बैठकर सुलझा लेंगे। आपसे अपील है कि शांति बनाए रखें और ऐसी भगदड़ न करें। बाहर के लोग गांव के मामले में दखल न दें।

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आगजनी की तीन अलग-अलग एफआईआर दर्ज
साजा थाने में आगजनी और तोड़फोड़ को लेकर तीन अलग-अलग एफआईआर दर्ज कराई गई है। इसमें आठ अप्रैल को बिरनपुर गांव में मकान में आग लगाने और लोडिंग वाहन में तोड़फोड़ की 20-25 अज्ञात लोगों पर मामला दर्ज कराया गया है। इसके अलावा 10 अप्रैल को दो अलग-अलग मामले रिपोर्ट किए गए हैं। इनमें बिरनपुर और चोरभट्टी गांव में एक-एक मकान में आगजनी का आरोप है। इसमें सभी सामान जलने की बात कही गई है। यह रिपोर्ट भी अज्ञात के खिलाफ ही दर्ज कराई गई है। हालांकि दोनों मामलों में विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं को आरोपी बताया गया है। 

इंस्टाग्राम पोस्ट पर एफआईआर
वहीं दूसरी ओर पुलिस ने सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। इसके लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की ओर से निर्देशित किया जा चुका है। एक दिन पहले ही सोशल मीडिया पर बिरनपुर गांव में छह लोगों की हत्या किए जाने की अफवाह फैल गई थी। इसे लेकर पुलिस की ओर से भी जानकारी जारी की गई। साथ ही सख्ती की बात कही गई थी। अब बेमेतरा पुलिस ने सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने के मामले में आरोपी युवक टिकेंद्र साहू पर मामला दर्ज किया है। आरोप है कि टिकेंद्र ने अपनी इंस्टाग्राम पर सांप्रदायिक पोस्ट की थी। 

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युवक की हत्या के बाद भड़की हिंसा
दरअसल, 8 अप्रैल को बीरनपुर गांव में दो समुदायों के लड़कों के बीच विवाद हो गया था। इसके बाद इसमें बड़े भी शामिल हो गए। इस दौरान एक युवक की हत्या कर दी गई। घटना के विरोध में विश्व हिंदू परिषद ने 10 अप्रैल को छत्तीसगढ़ बंद का आह्वान किया था। इसे देखते हुए जहां बीरनपुर में धारा-144 लगा दी गई थी, वहीं पूरे प्रदेश में भी पुलिस फोर्स सड़कों पर थी। संभावना थी कि इस बंद के बाद हालात सुधर जाएंगे, लेकिन इसके बाद भी जमकर उपद्रव हुआ। इसके बाद फिर मंगलवार को पिता-पुत्र की हत्या और उनके शव मिलने के बाद क्षेत्र में तनाव बढ़ गया। 

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