छत्तीसगढ़ के जशपुर में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने इंसानियत को तार-तार कर दिया। दरअसल, यहां रहने वाली 18 साल की एक युवती को महज दो महीने में छह बार बेचा गया। आखिर में उसकी शादी मानसिक विक्षिप्त से करा दी गई। इससे तंग आकर पीड़िता ने आत्महत्या कर ली। मामले की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने आठ लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, बाकी आरोपियों को दबोचने के लिए उत्तर प्रदेश और मध्यप्रदेश में लगातार दबिश दी जा रही है।
यह है पूरा मामला
जानकारी के मुताबिक, छत्तीसगढ़ के कांसाबेल इलाके के जशपुर में रहने वाली एक युवती को गढ़ी मलहरा थाना क्षेत्र में रहने वाले अजय राय और उसकी पत्नी सविता ने 3 जुलाई 2020 को अगवा कर लिया। उन्होंने युवती को महज सात हजार रुपये में मध्यप्रदेश के छतरपुर के कुल्लू रैकवार को बेच दिया। कुल्लू ने युवती को नरवा निवासी हरेंद्र सिंह बुंदेला को, हरेंद्र ने दतिया के राजपाल सिंह को, राजपाल सिंह ने देशराज कुशवाहा को, देशराज कुशवाहा ने ललितपुर के मुन्ना कुशवाहा और आखिर में मुन्ना कुशवाहा ने संतोष कुशवाहा को 70 हजार रुपये में युवती को बेच दिया।
जबरन करा दी गई युवती की शादी
बताया जा रहा है कि संतोष कुशवाहा ने युवती को खरीदने के बाद अपने विक्षिप्त बेटे से जबरन उसकी शादी करा दी। करीब दो महीने तक पीड़िता परेशान होती रही और 10 सितंबर 2020 को उसने फांसी लगा ली। इस मामले में ललितपुर पुलिस ने केस दर्ज किया था। साथ ही, मामले की जांच शुरू कर दी थी।
ऐसे हुआ मानव तस्करी का खुलासा
दरअसल, छत्तीसगढ़ में युवती के अगवा होने के बाद उसके परिजनों ने गुमशुदगी का मामला दर्ज कराया था। ऐसे में छत्तीसगढ़ पुलिस उसका पता लगाने में जुटी हुई थी। लड़की पता लगते ही छत्तीसगढ़ पुलिस चार फरवरी 2021 को छतरपुर पहुंच गई। इस दौरान मानव तस्करी के तहत युवती को अगवा किए जाने और उसकी मौत होने की जानकारी मिली।
अब तक आठ आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने बताया कि इस मामले में अजय और उसकी पत्नी सविता समेत आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस अभियान में मध्यप्रदेश पुलिस की भी मदद ली गई। पुलिस ने बताया कि इस गिरोह में एक महिला भी है, जो जशपुर जिले की है। वह जशपुर जिले की लड़कियों की तस्करी में दलाल की भूमिका निभाती है। पुलिस को उम्मीद है कि आरोपियों से पूछताछ के बाद अंतरराज्यीय लड़कियों को बेचने वाले गिरोह का खुलासा हो सकता है।