छत्तीसगढ़ में एक बार फिर से गैंगरेप की वारदात को अंजाम दिया गया है। यहां के कोरबा जिले में एक 16 साल की किशोरी के साथ कथित तौर पर गैंगरेप किया गया है। इतना ही नहीं, बलात्कार करने के बाद आरोपियों ने उसे पत्थरों से कुचल दिया और उसे मृत समझकर मौके से फरार हो गए। बताया जा रहा है कि आरोपियों ने किशोरी के पिता और उनकी चार साल की पोती की भी बेरहमी हत्या कर दी। पुलिस के अनुसार पीड़िता पांच दिनों तक जंगल में तड़पती रही। कथित तौर पर किशोरी के साथ 29 जनवरी को बलात्कार किया गया और पत्थरों से कुचलने के बाद आरोपी उसे मृत समझकर फरार हो गए। इसके बाद जब मंगलवार को उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई तब कार्रवाई करते हुए पुलिस घटनास्थल तक पहुंची। वहां पीड़िता जीवित पाई गई जबकि दो लाशें मिली थीं। हालांकि, अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया।
पुलिस ने बताया कि यह जघन्य घटना लेमरू पुलिस थाना के अंतर्गत गढुपरोदा गांव में 29 जनवरी को हुई। हालांकि, पुलिस को इसकी जानकारी मंगलवार 2 फरवरी को मिली। इसके बाद मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक सभी आरोपी कोरबा जिले के सतरेंगा गांव के रहने वाले हैं। उनकी पहचान संतराम मझवार, अब्दुल जब्बार, अनिल कुमार सारथी, परदेसी राम पनिका, आनंद राम पनिका और उमाशंकर यादव के तौर पर की गई है।
मृतक के बेटे ने मंगलवार को लेमरू पुलिस स्टेशन में अपने परिवार के तीन सदस्यों की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। ऐसे में पुलिस ने कार्रवाई की और छह आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। आरोपियों के बयान के आधार पर पुलिस अपराध स्थल पर पहुंची, जहां उन्होंने घायल पीड़िता को जीवित पाया। हालांकि, उसके पिता व उनकी पोती मृत पाए गए। पुलिस पीड़िता को तुरंत स्थानीय अस्पताल ले जा रही थी, लेकिन वहां पहुंचने से पहले उसने दम तोड़ दिया। बताया जा रहा है कि मृतक पहाड़ी कोरवा आदिवासी समुदाय से थे। विशेष रूप से यह समुदाय अतिसंवेदनशील आदिवासी समूह (पीवीटीजी) से है। पुलिस ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ कई धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।