चौथी लहर का खतरा बढ़ा, मास्क और सामाजिक दूरी का पता नहीं
कोरोना की चौथी लहर के खतरे के बीच अस्पतालों में मरीज व तीमारदार संक्रमण से बचाव के मानकों को दरकिनार कर रहे हैं जबकि अस्पताल संक्रमण फैलने का सबसे बड़ा माध्यम कहा जा रहा है। मास्क और सामाजिक दूरी का अब किसी को ख्याल नहीं रहा। विशेषज्ञों ने अप्रैल के अंत तक संक्रमण दर में इजाफा होने की आशंका पहले ही जता रखी है। उधर, स्वास्थ्य निदेशक ने मंगलवार को सभी विभागों के कर्मचारियों के लिए एडवाइजरी जारी कर कहा है कि सामाजिक दूरी, मास्क और सैनिटाइजेशन के नियम का पालन करें। इसके अलावा कोरोना टीके की खुराक जल्द से जल्द लगवा लें।
पीजीआई सामुदायिक चिकित्सा विभाग के डॉ. रविंद्र खैवाल का कहना है कि कोरोना मानक का पालन हम अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा के लिए करते हैं। अगर लोग यह सोचने लगे हैं कि उन्हें संक्रमण नहीं होगा क्योंकि वे टीका लगवा चुके हैं तो गलत है। यह बात याद रखनी होगी कि परिवार में छोटे बच्चे भी हैं। उन्हें अब तक टीका नहीं लगा है। बुजुर्ग भी हैं, जो किसी न किसी गंभीर बीमारी से ग्रस्त हैं इसलिए मास्क पहनने को आदत में शामिल करें।
पीजीआई के चिकित्सा अधीक्षक प्रो. विपिन कौशल ने बताया कि महामारी से बचाव के लिए पीजीआई हर स्तर पर तैयार है लेकिन जनता को यह प्रयास करना चाहिए कि संक्रमण की स्थिति ही उत्पन्न न हो ताकि गैर कोविड मरीजों के इलाज से जुड़ी व्यवस्थाएं सुचारू रूप से चलती रहें क्योंकि संक्रमण के दौरान सबसे ज्यादा नुकसान गैर कोविड मरीजों को होता है। भीड़ वाली जगहों, खासतौर पर अस्पताल, बाजार या समारोह में मास्क लगाकर ही जाएं। भीड़ वाली जगह पर देर तक न रुकें।
कोरोना के खतरे को देखते हुए जनता से अपील की जा रही है कि वे मास्क और सामाजिक दूरी का पालन करें। कोरोना का टीका जल्द से जल्द लगवाएं। खासतौर पर बच्चों के टीकाकरण को लेकर अनदेखी न करें। -डॉ. सुमन सिंह, निदेशक स्वास्थ्य
कोरोना का एक मरीज मिला
चंडीगढ़ में मंगलवार को कोरोना का एक मरीज मिला जबकि 7 दिन की अवधि पूरी करने पर एक मरीज को छुट्टी दे दी गई। अब सक्रिय मरीजों की संख्या 21 रह गई है। संक्रमण दर भी 0.10 प्रतिशत है। स्वास्थ्य विभाग ने 24 घंटे के दौरान 971 लोगों की जांच की, जिनमें से एक पुरुष में संक्रमण की पुष्टि हुई। पीजीआई में दो व जीएमसीएच-32 में तीन संक्रमित भर्ती हैं। इन पांचों मरीजों को ऑक्सीजन बेड पर भर्ती किया गया है। वहीं, पीजीआई के आईसीयू में एक मरीज का इलाज किया जा रहा है।