पहलवान नरसिंह डोप टेस्ट प्रकरण में सीआईए के सामने रीजनल डायरेक्टर राधिका ने सच कबूलते हुए कई बड़े खुलासे किए। राधिका ने कबूल किया है कि आउटसाइडर (दूसरे हॉस्टल के) पहलवानों का दूसरे हॉस्टल में चले जाया करते थे। राधिका ने कहा कि कई बार ऐसे पहलवानों को रोका भी गया था, लेकिन आपस में बातचीत करने या फिर किसी तकनीक को लेकर बातचीत करने का बहाना बनाकर पहलवान दूसरे हॉस्टल में जाते थे।
सीआईए के समक्ष राधिका ने यह भी बताया कि वह 2014 से इस पद पर हैं और आज तक कभी ऐसा नहीं हुआ कि किसी खिलाड़ी के खाने में कुछ मिलावट हुई हो। उन्होंने मिलावट के सभी आरोपों को सिरे से नकार दिया। राधिका ने बताया है कि इस प्रकरण के बाद अब आउटसाइडर का दूसरे हॉस्टल में जाने पर रोक लगा दी गई है। बता दें कि राधिका के ये बयान शुक्रवार को दर्ज किए गए थे।
वहीं शुक्रवार देर शाम ही नरसिंह और उसके तीन सहयोगियों के बयान भी दर्ज किए गए हैं। अपने बयानों में चारों ही मिलावट के आरोपों पर अडिग हैं। सूत्रों की मानें तो जल्द ही पुलिस अब आरोपी पहलवान से पूछताछ कर सकती है, इसके लिए आरोपी से संपर्क साधने की कोशिशों में छत्रसाल स्टेडियम प्रबंधन से भी बातचीत की गई है। उधर, पुलिस आरोपी पहलवान के दिल्ली के दरियापुर स्थित घर में पुलिस की टीम शनिवार को पहुंची थी, लेकिन आरोपी घर पर नहीं मिला। इस पर आरोपी के परिजनों को पुलिस टीम नोटिस देकर आई है।
कॉल थी एक दिन पहले की, देर शाम पहुंचे नरसिंह
नरसिंह यादव
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बताया गया है कि पहलवान नरसिंह के बयान एक दिन पहले दर्ज होने थे, इसके लिए नरसिंह को बुलावा भी भेजा जा चुका था, लेकिन शुक्रवार देर शाम तक नरसिंह साई पहुंच सके। सीआईए के सामने नरसिंह के साथ-साथ उनके रूममेट रहे संदीप तुलसी, रसोइये चंदन यादव और राहुल कुमार ने अपने बयान दर्ज कराए। सभी ने छत्रसाल स्टेडियम के ही पहलवान पर ही मिलावट का आरोप लगाते हुए अपने वो ही बयान दर्ज करवाए, जोकि शिकायत में दिए गए थे।
डीआईजी ने बैठक लेकर दिए दिशानिर्देश
मामले की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पुलिस अधिकारी इस मामले को लेकर कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है। जांच टीम भी पूरी तरह से मीडिया से कन्नी काट रही है। इसके अलावा शनिवार को डीआईजी कम एसपी सोनीपत एचएस दून ने सीआईए प्रभारी इंदीवर से बैठक कर मामले को लेकर बातचीत भी की। इस दौरान इंदीवर को डीआईजी ने कुछ दिशा-निर्देश भी दिए हैं।
एक्सपर्ट राय और मोबाइल डंप
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इस हाईप्रोफाइल मामले में अब पुलिस टीम एक्सपर्ट की राय लेगी। इसके लिए तीन-चार वकीलों तथा कुछ पूर्व कर्मचारी एवं पूर्व में सोनीपत में पोस्टेड रहे पुलिस अधिकारियों की के नाम फाइनल किए गए हैं। इनसे केस को लेकर विचार-विमर्श किया जाएगा, ताकि जल्द से जल्द मामले का खुलासा किया जा सके। इसके अलावा पुलिस टीम ने जून-जुलाई महीने का डंप भी निकलवाना शुरू कर दिया है। मोबाइल लोकेशन के एंगल से भी मामले की जांच की जाएगी।
पुलिस ने आरोपी को जांच में शामिल होने को कहा
आरोपी पहलवान के दिल्ली के दरियापुर स्थित घर में पुलिस की टीम शनिवार को पहुंची थी, लेकिन आरोपी घर पर नहीं मिला। इस पर आरोपी के परिजनों को पुलिस टीम नोटिस देकर आई है। नोटिस में आरोपी को जांच में शामिल होने के लिए कहा गया है। नोटिस में आरोपी को जल्द से जल्द पुलिस टीम के समक्ष आने के निर्देश दिए गए हैं।
हमारा काम जारी है। फिलहाल मामले में जानकारी एकत्र करने का काम किया जा रहा है। पूरा होमवर्क करके ही आरोपी से पूछताछ की जाएगी। इसके लिए बैठक कर विचार-विमर्श किया गया तथा उचित दिशानिर्देश भी दिए गए हैं।
- हरदीप सिंह दून, डीआईजी कम एसपी, सोनीपत