बास्केटबाल में ट्रायल नहीं होने के बाद एक सीनियर खिलाड़ी के स्केट्स को उठाकर देखा तो उसने गाल पर थप्पड़ जड़ दिया। साथ में उलाहना भी मिला, तेरे बस की बात नहीं है। दिल पर लगी इस चोट के बाद उसने ठान लिया कि अब स्केटिंग ही करनी है। यह जिद ही उसे बुलंदी तक ले गई और कई रिकॉर्ड बना लिये। जी हां हम बात कर रहे हैं सेक्टर 14 के निवासी व गांव घिराय के रहने वाले दीपांशु की। दीपांशु ने सबसे ज्यादा समय तक स्केटिंग करने का वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया।
यह रिकॉर्ड इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड और लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज है। वह भारत की इनलाइन हॉकी की टीम में खेलने वाला हिसार का पहला खिलाड़ी भी है। भारत की टीम में रहते हुए उन्होंने हाल ही में वर्ल्ड चैंपियनशिप खेली। हाल ही में दीपांशु ने राजकीय कॉलेज से बीए की है। पिता आरके पूनियां आर्मी से रिटायर्ड सूबेदार हैं तथा बड़ा भाई दीपक आर्मी में लेफ्टिनेंट है। मां निर्मला देवी गृहिणी हैं।
स्कूल में की शुरुआत
दीपांशु ने स्केटिंग की शुरुआत कैंट के केवीएस स्कूल से की थी। 2008 में ही स्कूल में स्केटिंग में चैंपियन बनने के बाद उन्होंने 2009 में चंडीगढ़ में हुई स्टेट टूर्नामेंट में अपना पहला गोल्ड जीता। इसके बाद उन्होंने 2010 से लेकर 2014 तक इनलाइन स्पीड स्केटिंग की और लगातार चार बार मिस्टर हिसार बने। स्टेट लेवल पर एक गोल्ड, 5 सिल्वर, और एक ब्रांज मेडल जीता। तीन साल तक लगातार सीनियर नेशनल खेला।
स्केटिंग का जुनून
दीपांशु को स्केटिंग का हद से ज्यादा जुनून है। शुरुआती दौर में उन्हें जब-जब चोट लगी। उन्होंने उस खून से अपने घर की दीवार पर स्केटर लिख दिया। उन्होंने बताया कि इससे मुझे हमेशा प्रेरणा मिलती रही कि मुझे भविष्य में एक दिन स्केटिंग में नाम कमाना है।
स्केटिंग में बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड
21 वर्षीय दीपांशु ने मई 2012 में स्केटिंग में वर्ल्ड रिकॉर्ड कायम किया। उन्होंने खेल गांव दिल्ली में लगातार 50 घंटे स्केटिंग कर यह रिकॉर्ड बनाया था। इस दौरान देश और दुनिया के कुल 96 लोगों ने स्केटिंग में भाग लिया था। उनके द्वारा बनाया गया यह रिकॉर्ड इंडियन बुक ऑफ रिकॉर्ड और लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज है।
मलेशिआई कोच से ली ट्रेनिंग
दीपांशु ने मलेशियाई कोच जुल्फिकार अली से इनलाइन स्पीड स्केटिंग की ट्रेनिंग दी। वे समय समय पर हिसार आते रहते हैं। वहीं इनलाइन हॉकी की ट्रेनिंग अपने कोच जितेंद्र सिंह मनी से ली।
क्या है इनलाइन हॉकी
यह कुछ हद तक हॉकी की तरह का ही गेम होता है। हॉकी में दस खिलाड़ी होते हैं। जबकि इनलाइन हॉकी में 16 खिलाड़ी होते हैं। यह हॉकी की अपेक्षा ज्यादा तेजी से खेला जाने वाला गेम है। तथा इसका ग्राउंड भी छोटा होता है। मैदान में एस्ट्रोटर्फ की बजाए टाइल्स की तरह का फर्श होता है, जिसमें सुराख होते हैं। इस पर खिलाड़ी फिसलता नहीं है। खिलाड़ियों के हाथों में आम हॉकी स्टिक की बजाए लंबी छड़ीनुमा स्टिक होती है।