चंडीगढ़। लंबित मांगों को लेकर आंदोलित कर्मचारियों के साथ-साथ अब मजदूर भी सड़कों पर उतरने की तैयारी में हैं। 21 जुलाई को प्रदेशभर के मजदूर श्रम मंत्री मूलचंद शर्मा के आवास का घेराव करेंगे। इसका ऐलान मजदूर संगठन सीटू ने किया है और घेराव को सफल बनाने के लिए जिला स्तर पर पदाधिकारियों की ड्यूटी लगा दी गई हैं।
सीटू हरियाणा राज्य अध्यक्ष सुरेखा और महासचिव जय भगवान ने कहा कि 10 जून को संगठन ने राज्य के नवनियुक्त श्रम मंत्री मूल चंद शर्मा को पत्र लिखा था। इसमें मजदूरों की मांगों व समस्याओं का हल करने के लिए संगठन को बातचीत के लिए समय देने की मांग की थी। लेकिन 40 दिन गुजर जाने के बाद भी समय नहीं दिया गया। इसलिए सीटू ने 21 जुलाई को उनके विधानसभा क्षेत्र में हजारों मजदूरों की रैली करते हुए उनके घेराव का निर्णय लिया है। इनमें हजारों मजदूर, स्कीम वर्कर्स, कच्चे कर्मचारी, निर्माण मजदूर, ऑटो रिक्शा ड्राइवर, फरीदाबाद सेक्टर-12 में इकट्ठा होंगे और सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलेंगे।
ये हैं मांगें
- राज्य में मजदूरों के लिए 26,000 रुपये न्यूनतम वेतन घोषित हो।
- असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के लिए बोर्ड बनें।
- निर्माण श्रमिकों के बने बोर्ड के तहत सुविधाओं पर अघोषित पाबंदी हटे।
- भट्टा मजदूरों के लिए बोर्ड पंजीकरण का कार्य अनुभव एक साल की बजाय छह महीने का हो।
- श्रम विभाग, सेफ्टी एंड हेल्थ में पर्याप्त ऑफिस व स्टाफ की भर्ती हो।
- स्कीम वर्कर्स और कच्चे कर्मचारियों को पक्का किया जाए।
- लेबर कोड्स और ड्राइवर विरोधी काले कानून रद्द किए जाए।