पानीपत के वार्ड-21 के अंतर्गत गांव सौंदापुर के पास नई सीवरेज लाइन की गहराई मापने उतरे एक श्रमिक की ऑक्सीजन की कमी से मौत हो गई। उसे निकालने के लिए करीब 20 फीट गहरी सीवर लाइन में उतरे दो अन्य श्रमिक भी बेहोश हो गए। बाहर खड़े तीन अन्य श्रमिकों ने इसकी जानकारी कंपनी अधिकारियों को दी। हाइड्रा मशीन के जरिए तीन श्रमिकों को बाहर निकाला गया। इनमें एक मजदूर की मौत हो चुकी थी वहीं दो की हालत स्थिर बताई जाती है। उनका सिविल अस्पताल में इलाज चल रहा है।
हादसे की जानकारी पर ओल्ड इंडस्ट्रियल थाना पुलिस ने घटनास्थल का जायजा लिया और शव को पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल के शवगृह में रखवाया। मृतक के परिजनों को सूचना दे दी गई है। पुलिस ने श्रमिकों के बयान दर्ज किए हैं। शुक्रवार को शव का पोस्टमार्टम होगा। उपायुक्त सुशील सारवान ने भी नगर निगम आयुक्त से हादसे की रिपोर्ट तलब की है।
मेरठ के गांव कलछीना निवासी बिलाल (25) पुत्र रइस, बुलंदशहर निवासी आजाद, मेरठ के गांव पीठलोक निवासी आबिद उर्फ शेरा, मेरठ निवासी सद्दाम, शौकीन और शोएब कामकाज के लिए डेढ़ वर्ष पहले पानीपत आए थे। सभी गांव सौंदापुर में ही किराये के मकान में रहने लगे। दो माह पहले बूमिंग कंपनी की ओर से सीवर लाइन की जांच का काम शुरू हुआ। आबिद दोस्त बिलाल, आजाद, सद्दाम, शौकीन और शोएब को अपने साथ काम पर ले गया।
गुरुवार सुबह नौ बजे आबिद ने सभी को सौंदापुर गांव के पास सीवरेज लाइन की गहराई की जांच करने के काम पर बुलाया था। बिलाल को शौकीन ने रस्सी के सहारे मैनहोल में उतारा। पांच मिनट बाद ही शौकीन को बिलाल के हाथ से रस्सी छूटने का अहसास हुआ। तब आजाद बिलाल को देखने के लिए मैनहोल में उतर गया। पांच मिनट बीतने के बाद वह भी बाहर नहीं आया।
तब दोनों का पता लगाने के लिए आबिद भी मैनहोल में उतार गया। जब वह भी बाहर नहीं निकला तो बाहर खड़े शौकीन, सद्दाम एवं शोएब ने इस बारे में कंपनी के दूसरे कर्मचारियों को बताया। वे हाइड्रा मशीन लेकर मौके पर पहुंचे। शौकीन, सद्दाम और शोएब की पीठ पर सेफ्टी बेल्ट बांधकर मैनहोल में उतारा गया।
तीनों ने 15 मिनट की कड़ी मशक्कत के बाद बिलाल, आजाद एवं आबिद को बाहर निकाला। एंबुलेंस कंट्रोल रूम में कॉल की गई। तीनों को सिविल अस्पताल भिजवाया। डॉक्टरों ने जांच के बाद बिलाल को मृत घोषित कर दिया। आजाद एवं आबिद का सिविल अस्पताल में इलाज चल रहा है।
हमें अनुभव नहीं था न ही ट्रेनिंग दी गई : सद्दाम
मेरठ निवासी सद्दाम ने बताया कि सभी दोस्त हैं। उन्होंने दो माह पहले ही सीवरेज का काम शुरू किया था। बिलाल सीवरेज की गहराई मापने के लिए फीता लेकर मैनहोल में उतरा था। बिलाल को बिना सेफ्टी बेल्ट के ही रस्सी के सहारे नीचे उतारा गया था। उन्हें सीवरेज में काम करने का कोई अनुभव नहीं था। न ही उन्हें इस काम की ट्रेनिंग दी गई थी। उन्हें ये भी नहीं बताया गया कि सीवरेज में लगातार अधिकतर कितना वक्त गुजारना है। अगर उन्हें ये जानकारी होती तो शायद ये हादसा नहीं होता। उन्होंने एक दोस्त को खो दिया।
ऑक्सीजन की कमी से मौत की आशंका
मजदूरों ने बताया है कि सीवर लाइन में पानी नहीं था, उससे अभी कनेशन दिए जा रहे थे। ऐसे में अमोनिया गैस बनने की आशंका कम ही है। मजदूर की मौत का कारण ऑक्सीजन की कमी हो सकता है। दो श्रमिक भी बेहोश थे। फिलहाल इनकी हालत स्थिर है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत के कारण स्पष्ट होंगे। - डॉ. नेहा कौशिक, डॉक्टर सिविल अस्पताल
मामले की जांच जारी है, कार्रवाई होगी
पुलिस सूचना मिलते ही मौके पर पहुंच गई थी। एक मजदूर की हादसे में मौत हुई है। शव को पोस्टमार्टम के लिए शवगृह में रखवा दिया गया है। पुलिस मामले की हर पहलू पर जांच कर रही है। - बलराज सिंह, एसएचओ, प्रभारी ओल्ड इंडस्ट्रियल एरिया थाना पुलिस