इंस्टाग्राम पर हुई चैट डिलीट हो चुकी
महिला कोच ने प्रेसवार्ता में सिर्फ मौखिक आरोप लगाए। पुलिस को लिखित में शिकायत देने और मंत्री के साथ चैट के सबूत पर उसने कहा कि इंस्टाग्राम पर वेनिश मोड में चैट की थी। इसमें 24 घंटे बाद मैसेज खुद ही डिलीट हो जाता है। महिला का आरोप है कि मंत्री संदीप सिंह उसे इंस्टाग्राम पर ब्लॉक-अनब्लॉक करते रहे। महिला ने यह भी कहा कि इस घटना के बारे में उसने
विभागीय अधिकारियों को मेल पर शिकायत दी थी। अब वह चंडीगढ़ पुलिस को लिखित शिकायत देगी, पहले वह डर गई थी।
डीजीपी, विज व दुष्यंत से मांगी मदद, नहीं हुई सुनवाई
महिला कोच का आरोप है कि घटना के बाद उसने डीजीपी और मुख्यमंत्री के निजी सचिव को फोन कर सूचना दी। इसी के साथ गृह मंत्री अनिल विज से भी मिलने गई, लेकिन स्टाफ ने मिलने नहीं दिया। महिला का आरोप है कि, डीजीपी ऑफिस से जवाब मिला कि क्यों मंत्री से पंगा ले रही हो, लड़की हो नौकरी कर लो। मंत्री तुम्हें मरवा भी देगा। इसके अलावा, वह डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला के पास भी मदद के लिए गई थी।
हुड्डा से बात की है, अब सीएम से करूंगा: अभय
इनेलो विधायक अभय चौटाला ने कहा कि यह बहुत गंभीर मामला है। तुरंत प्रभाव से मंत्री संदीप सिंह को बर्खास्त कर जांच के लिए एसआईटी गठित की जाए। इस मामले में उन्होंने नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा से भी बात की है। अब मुख्यमंत्री मनोहर लाल से भी बात करेंगे, ताकि महिला को न्याय मिल सके। अगर सरकार ने कार्रवाई नहीं की तो वह प्रदेश के सभी खिलाड़ियों को साथ लेकर आंदोलन शुरू करेंगे।
मेरी छवि खराब करने की साजिश, सीएम से करेंगे जांच की मांग: मंत्री संदीप सिंह
खेल मंत्री संदीप सिंह ने महिला कोच के आरोपों को नकारते हुए इन्हें निराधार बताया है। उनका कहना है कि खेल मंत्री और खिलाड़ी होने के नाते उनके कार्यालय और आवास पर खिलाड़ी व अन्य लोग मिलने आते रहते हैं। महिला कोच सरासर झूठे आरोप लगा रही है। महिला कोच का स्थानांतरण झज्जर हुआ है। शायद इससे उन्हें दिक्कत हुई है। पत्रकारों से रूबरू संदीप सिंह ने कहा कि वह इस मामले में मुख्यमंत्री से मिलकर निष्पक्ष जांच की मांग करेंगे, क्योंकि उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई है। उन्होंने पूरे घटनाक्रम से मुख्यमंत्री मनोहर लाल को अवगत कराया और पुलिस के शीर्ष अधिकारियों से भी बात की। -संदीप सिंह, खेल राज्य मंत्री
पूरी कोठी में लगे हैं सीसीटीवी कैमरे: मंत्री
महिला के कोठी पर आने और छेड़छाड़ के आरोपों पर मंत्री ने कहा कि पूरी कोठी में सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, जिसे भी जांच करनी है कर सकता है। उन्होंने कहा कि वह अपील करेंगे कि एक बार महिला कोच के साथियों, कर्मचारियों और खेल विभाग के अधिकारियों से भी उसके व्यवहार के बारे में जानकारी लेनी चाहिए। महिला कोच पहले डीएसओ और डिप्टी डायरेक्टर के साथ भी झगड़ा कर चुकी हैं। मंत्री ने महिला कोच के आरोपों पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर ऐसा कुछ हुआ है तो वह पुलिस को शिकायत दे सकती थी। महिला अधिकारियों के पास भी अपनी बात रख सकती थी, लेकिन महिला कोच ने राजनीतिक दल के कार्यालय में जाकर आरोप लगाए हैं। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि इनमें कितनी सच्चाई होगी। इंस्टाग्राम पर चैट को लेकर भी मंत्री ने कहा कि अगर महिला कोच के पास कोई सबूत है तो वह सामने रखे। वह सामान्य तौर पर सोशल मीडिया पर सक्रिय रहते हैं और बहुत से लोगों से बात करते हैं।
विदेश भेजने का आवेदन कर दिया था रद्द
खेल मंत्री ने कहा कि बुधवार को कोच आवास पर आई थीं और उसने झज्जर की बजाय पंचकूला में ही रखने की मांग की थी। हालांकि, अन्य 11 कोच की मांग के अनुसार ही सभी को गृह जिलों में तैनात किया गया था। महिला कोच की मांग पर खेल निदेशक को निर्देश दिए थे कि इन्हें पंचकूला में ही रखा जाए। वहीं, मंत्री ने बताया कि इससे पहले महिला कोच ने विदेश में जाकर ट्रेनिंग लेने के लिए आवेदन दिया था, लेकिन संबंधित फेडरेशन का सर्टीफिकेट न होने के कारण आवेदन रद्द कर दिया गया था।