हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एचएसपीसीबी) का सर्दी में प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए तैयार विंटर एक्शन प्लान एक अक्तूबर से लागू हो जाएगा। इसमें ग्रैप-1 भी जारी हो जाएगा। इसमें सड़कों की साफ-सफाई करने, पानी का छिड़काव कर धूल के कणों को दबाने, टूटी सड़कों की मरम्मत व पैचवर्क लगाने के लिए निगमों को निर्देश जारी किए गए हैं।
भवन निर्माण संबंधी सूचना प्रदूषण बोर्ड के डस्ट पोर्टल पर पंजीकरण जरूरी है। पांच हजार स्क्वायर मीटर से 10 हजार स्क्वायर मीटर तक के निर्माण के लिए एक एंटी-स्मॉग गन। दस से 15 हजार स्क्वायर मीटर के लिए दो, 15 से 20 हजार स्क्वायर मीटर के लिए तीन और 20 हजार स्क्वायर मीटर से ऊपर के लिए एंटी-स्मॉग गन लगाने का निर्देश है।
एचएसपीसीबी के चेयरमैन पी राघवेंद्र राव ने बताया कि सर्दियों की वजह से प्रदूषण के कण का वजन बढ़ने से वे एक जगह इक्ट्ठा होकर नीचे आ जाते है। सभी जिले के पिछले तीन साल के पीएम 2.5 और पीएम 10 के आंकड़ों पर गहनता से जांच की गई। पीएम 2.5 का वार्षिक औसत 62 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रहा है, जो राष्ट्रीय परिवेशी वायु गुणवत्ता मानक (एनएएक्यूएस) की तय सीमा 40 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर से ज्यादा है। वहीं, तीन सालों में पीएम 10 का वार्षिक औसत 132 माइक्रोग्राम रहा है।
ग्रेडेड रेस्पॉन्स एक्शन प्लान(ग्रैप सिस्टम) वायु प्रदूषण के नियंत्रण के लिए एक प्रणाली है। यह दिल्ली-एनसीआर और आसपास के क्षेत्रों में वायु प्रदूषण के स्तर को नियंत्रित करने के लिए बनाई गई है।
श्रेणी 1: एक्यूआई 100-200 (मध्यम)