पंचकूला में सर्दी बढ़ने के साथ बिजली की खपत 20 मेगावाट तक बढ़ गई है। स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति भी प्रभावित हुई है। जिले में करीब दोपहर 12 बजे थोड़ी देर के लिए हल्की धूप निकली। मौसम में आए बदलाव का असर सेहत पर भी पड़ रहा है। पंचकूला नागरिक अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. अश्विनी भटनागर ने बताया कि ओपीडी में मरीजों की संख्या पहले से काफी बढ़ गई है। ज्यादातर मरीज खांसी, जुकाम और ठंड से प्रभावित आ रहे हैं। लोगों को सर्दी से बचने के लिए एहतियात बरतने की सलाह दी जा रही है।
मौसम विभाग चंडीगढ़ के निदेशक मनमोहन सिंह ने कहा कि आने वाले चार दिनों तक गहरी धुंध रहेगी। इसके लिए येलो अलर्ट भी जारी किया गया है। पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी की वजह से मैदानी इलाकों में ठंड काफी बढ़ गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि सुबह और शाम के समय अगर जरूरी न हो तो घर से बाहर न निकलें। वहीं, विभाग ने हल्की बारिश की भी संभावना जताई है। आने वाले दिनों में तापमान और भी गिरने की संभावना है।
चंडीगढ़ में कहीं धुंध, कहीं साफ रहा मौसम
मंगलवार सुबह शहर के कुछ इलाकों में गहरी धुंध रही जबकि कुछ इलाकों में मौसम साफ होने से धूप रही। शहर के बीच के सेक्टरों में धुंध नहीं थी। पेरीफेरी के इलाकों में ही ज्यादा कोहरा पड़ा। निदेशक मनमोहन सिंह ने कहा कि ऐसा सेक्टरों की परिस्थिति की वजह से होता है। वहां पर चल रहे निर्माण कार्य, जनसंख्या, ग्रीनरी आदि पर धुंध का होना निर्भर करता है। मौसम विभाग के अनुसार बुधवार को दिन के समय मौसम साफ रहेगा लेकिन सुबह और रात में धुंध पड़ सकती है।
अचानक क्यों हुई धुंध
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि पहले पश्चिमी विक्षोभ की वजह से 20 से 30 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल रहीं थीं। इन हवाओं के चलने से स्मॉग गायब हो गया था और धुंध भी अदृश्य थी। अब हवाएं बहुत धीमी हैं और तापमान भी कम है। इस वजह से धुंध ज्यादा हो रही है। आने वाले समय में धुंध बढ़ने के आसार हैं। इसके चलते दिसंबर व जनवरी के महीने में जोरदार सर्दी पड़ सकती है।
मोहाली में मंत्री ने वाहनों पर लगाए रिफ्लेक्टर
सड़क हादसे रोकने के लिए कुराली मुल्लांपुर रोड स्थित बड़ौदी टोल प्लाजा पर मंगलवार को पंजाब सरकार के लोक निर्माण एवं बिजली मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ ने आने-जाने वाले वाहनों पर रिफ्लेक्टर लगाए। उन्होंने मीडिया के माध्यम से लोगों से अपील की है कि रात के समय चलने वाले सभी वाहन चालक वाहनों पर रिफ्लेक्टर लगाकर रखें ताकि दूसरे वाहन चालकों को धुंध में उनके वाहन दूर से दिखाई दे सकें। उन्होंने कहा कि ज्यादातर सड़क हादसे रिफ्लेक्टर न होने की वजह से ही होते हैं।