नगर निगम की सदन की बैठक में कांग्रेस ने सदन के बाहर और अंदर पानी की किल्लत को लेकर खूब हंगामा किया। लेकिन निगम के चीफ इंजीनियर मुकेश आनंद का दावा है कि शहर में पानी की कोई किल्लत नहीं है। उनका कहना है कि शहर में पानी का संकट की बात पूरी तरह झूठी है। सोमवार को निगम के अधिकारियों की कमिश्नर के साथ हुई बैठक में रिपोर्ट दी। जिसमें हर अधिकारी ने रिपोर्ट में कहा कि शहर में पानी की कोई किल्लत नहीं है। कमिश्नर ने अलग अलग अधिकारियों के नेतृत्व में 13 टीमों का गठन किया था। जिन्होंने शनिवार और रविवार को पूरे शहर में सुबह लोगों से बातचीत की।
हर टीम का दावा है कि उन्होंने 50 लोगों से बात की है। मालूम हो कि सदन की बैठक में पूर्व मेयर सुभाष चावला ने कहा था कि उनके घर पर ही तीन दिन से पानी नहीं आ रहा है। पानी की किल्लत पर अधिक हंगामा होने के कारण ही मेयर ने सदन की बैठक को स्थगित कर दिया था। सीनियर डिप्टी मेयर देवेश मोदगिल और भाजपा पार्षद पार्षद भी अपने घर पर पानी न आने की बात कह चुके हैं।
ऊपर की मंजिलों पर भी चढ़ रहा पानी
चीफ इंजीनियर मुकेश आनंद का कहना है कि शनिवार और रविवार को वह खुद सर्वे करने के लिए गए। कई जगह तो लोगों ने सुबह पानी का प्रेशर चेक करने के लिए अपने दरवाजे तक भी नहीं खोले। वह डोर बेल बजाते रहे। आनंद का कहना है कि अन्य टीम के अधिकारियों ने यह पाया कि कोई भी पाइप लगाकर अपनी गाड़ियां नहीं धो रहा था।
सर्वे के दौरान उन्हें कहीं पानी की किल्लत नहीं नजर आई। जो भी कह रहा है कि पानी की किल्लत है वह झूठ है। मुकेश आनंद का कहना है कि निरीक्षण के दौरान पाया गया कि लोगों को खुद ही मोटर लगाकर पानी चढ़ाने की आदत है। जबकि पानी प्रेशर से ऊपर की मंजिलों पर चढ़ रहा था।
..तो भाजपा नेता भी झूठ बोल रहे थे : चावला
कांग्रेस नेता एवं पूर्व मेयर सुभाष चावला का कहना है कि हो सकता है कि चीफ इंजीनियर का दावा ठीक हो। लेकिन क्या वह बताएंगे कि सदन में वाटर सप्लाई कमेटी के चेयरमैन सतिंदर सिंह, सीनियर डिप्टी मेयर देवेश मोदगिल, हीरा नेगी सहित अन्य भाजपा नेता भी पानी की किल्लत के बारे में झूठ बोल रहे थे। एक बात मान भी ली जाए कि पानी की किल्लत का मुद्दा उठाकर कांग्रेस झूठ बोल रही है। लेकिन मेयर के अपने वार्ड के सेक्टर-37 में भाजपा के ही अपने वरिष्ठ नेताओं के नेतृत्व में पानी संकट के लिए प्रदर्शन हो चुका है। वह भी झूठ है।
अफसरों और लोगों के बीच कम्युनिकेशन गेप है
वाटर सप्लाई कमेटी के चेयरमैन सतिंदर सिंह का कहना है कि अगर ऐसी रिपोर्ट आई है तो कहीं न कहीं अधिकारियों और लोगों के बीच कम्युनिकेशन गेप है। शहर में पानी के लो प्रेशर की दिक्कत तो है। लेकिन अधिकारी इस समस्या को दूर भी कर रहे हैं।
शनिवार और रविवार को हुए सर्वे की हकीकत
1. चीफ इंजीनियर की टीम सहित 12 टीमों ने किया सर्वे
2. 585 घरों की चेकिंग की गई
3. 188 में लो प्रेशर पानी की सप्लाई पाई गई
4. 24 घरों में मिट्टी वाला पानी पाया गया
5. 93 पानी का दुरुपयोग करने वालों के चालान काटे गए