प्रिंटिंग एंड स्टेशनरी कंट्रोलर सरीता मलिक को प्रशासन ने टेन्योर खत्म होने से पहले ही वापस हरियाणा भेज दिया है। सोमवार को प्रशासन ने मलिक को 15 मई को रिलीव करने के आदेश भी जारी कर दिए। एचसीएस सरीता मलिक पेड पार्किंग अलॉटमेंट, ओवरचार्जिंग और वॉयलेशन को लेकर काफी विवादों में रही। नगर निगम अतिरिक्त कमिश्नर के पद पर रहते हुए उनके खिलाफ विजिलेंस जांच भी हुई।
जिसमें उनके साथ तीन अधिकारियों का नाम शामिल था। विजिलेंस ने इस मामले में सरिता मलिक सहित कुल 4 अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की सिफारिश की थी। शायद यही कारण है कि उन्हें टेन्योर पूरा होने से पहले ही वापस हरियाणा भेजा जा रहा है। इससे पहले सोमवार को सरिता मलिक डीसी अजीत बालाजी जोशी से भी मिली। हालांकि किस बारे में मिली यह पता नहीं चल पाया है।
अधिकारियों की होगी कमी
यूटी प्रशासन में एचसीएस-पीसीएस अधिकारियों की पहली ही कमी चल रही है। कमी के कारण जिन पदों को पहले एचसीएस-पीसीएस देखते थे अब उन्हें आईएएस देख रहे हैं। यूटी प्रशासन पंजाब और हरियाणा को अधिकारियों का पैनल भेजने केलिए कई बार चिट्ठी भी लिख चुका है। चंडीगढ़ से ट्रांसफर के बाद रिलीव हो चुके आईएएस कशिश मित्तल और दानिश अशरफ की रिप्लेसमेंट में भी अभी तक अधिकारी नहीं मिले हैं। साथ ही असिस्टेंट एस्टेट ऑफिसर प्रिंस धवन को भी जल्द रिलीव किया जा सकता है। जिस कारण अधिकारियों की कमी और बढ़ेगी।