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चंडीगढ़ में आज से जेब पर बढ़ेगा बोझ: पानी-सीवर समेत शराब के दाम में होगी बढ़ोतरी, पढ़ाई भी होगी महंगी

Fri, 01 Apr 2022 01:03 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

चंडीगढ़ के निजी स्कूलों में अप्रैल में शुरू होने वाले नए सत्र में फीस 8 प्रतिशत बढ़ने जा रही है। इसके साथ ही ट्रांसपोर्ट की व्यवस्था लेने वाले अभिभावकों पर दोगुनी मार पड़ेगी।
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स्कूल बैग टांगे बच्चे (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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एक अप्रैल से शुरू हो रहे नए वित्तीय वर्ष में कई बदलाव देखने को मिलेंगे। पानी-सीवर के साथ पढ़ाई महंगी हो जाएगा। शहरवासियों को उम्मीद थी कि पानी के दाम नहीं बढ़ेंगे लेकिन प्रशासन ने अधिसूचना जारी कर एक अप्रैल से ढाई गुना तक दाम बढ़ा दिया है। एक अप्रैल से नई आबकारी नीति भी लागू हो जाएगी, जिससे शराब 15 से 20 फीसदी महंगी हो जाएगी।

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एक अप्रैल से पानी के दाम ढाई गुना तक बढ़ जाएंगे। पहले शहरवासियों को महीने में 31 से 60 किलोलीटर (केएल) पानी के इस्तेमाल पर 6 रुपये प्रति केएल के हिसाब से भुगतान करना पड़ता था, जो अब 10 रुपये के रेट से देना होगा। 60 केएल से ऊपर के लिए ढाई गुना अधिक 8 रुपये की जगह 20 रुपये चुकाने होंगे। सीवर सेस 30 फीसदी देना पड़ेगा। हर साल एक अप्रैल को दाम 5 फीसदी खुद बढ़ जाएंगे। इसके लिए कोई मंजूरी लेने की जरूरत नहीं होगी।

ई-व्हीकल (ईवी) सेस भी देना होगा
वर्ष 2022-23 की आबकारी नीति के अनुसार शहर में एक अप्रैल से शराब 15-20 फीसदी महंगी हो जाएगी, क्योंकि प्रशासन ने 5.5 प्रतिशत एक्साइज ड्यूटी बढ़ा दी है। साथ ही हर बोतल पर एक नया ई-व्हीकल (ईवी) सेस भी देना होगा। ये प्रति बोतल अलग-अलग 2 से 40 रुपये के करीब होगा। इनपुट लागत और करों को ध्यान में रखते हुए मिनिमम रिटेल सेल प्राइस को भी 5 से 10 प्रतिशत तक बढ़ाने का फैसला लिया गया है। कम अल्कोहलिक ड्रिंक्स जैसे बीयर, वाइन आदि को प्रोत्साहित करने और इंडियन वाइन इंडस्ट्री को बढ़ावा देने के लिए लाइसेंस फीस व एक्साइज ड्यूटी को बढ़ाया नहीं गया है। 
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स्कूल फीस 8 प्रतिशत, 25 फीसदी ट्रांसपोर्ट किराया बढ़ेगा
शहर के निजी स्कूलों में अप्रैल में शुरू होने वाले नए सत्र में फीस 8 प्रतिशत बढ़ने जा रही है। इसके साथ ही ट्रांसपोर्ट की व्यवस्था लेने वाले अभिभावकों पर दोगुनी मार पड़ेगी। पिछले दो साल में डीजल-पेट्रोल महंगा होने के कारण स्कूल बसों का किराया भी 25 प्रतिशत बढ़ने जा रहा है। स्कूल बसें लगभग दो साल के बाद फिर से संचालित होने जा रही है। ट्रांसपोर्ट कांट्रैक्टर का कहना है दो साल में महंगाई बहुत अधिक बढ़ गई है।

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