जाट आरक्षण आंदोलन की आहट फिर सुनाई देने लगी है। इसी के साथ ही शासन और प्रशासन ने भी कमर कस ली है। सुरक्षा और शांति व्यवस्था के मद्देनजर जिले में अर्द्धसैनिक बलों (दो आरएएफ और एक बीएसएफ) की तीन कंपनियां तैनात कर दी गई हैं। साथ ही जिले के मुख्य स्थानों पर फोर्स को तैनात कर दिया गया है। फोर्स को दिशा-निर्देश है कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहे।
किसी भी तरह की हिंसा का अंदेशा भी हुआ तो तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश हैं। जिलेभर के करीब दो हजार पुलिस कर्मचारियों को भी सतर्क कर दिया गया है। सांपला में अर्द्धसैनिक की एक कंपनी तैनात करने के साथ ही सुबह फ्लैग मार्च भी किया गया। जाट आंदोलन की सुगबुगाहट के बीच सतर्क पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को चाक चौबंद करने के साथ ही पूरी घेरेबंदी कर दी है। आंदोलन के लिहाज से सबसे अधिक संवेदनशील संपाला में अर्द्धसैनिक बल (आरएएफ) की एक कंपनी को रविवार सुबह ही भेज दिया गया। साथ ही अर्द्धसैनिक बलों और पुलिस प्रशासन के नेतृत्व में फ्लैग मार्च किया गया। इस दौरान शहरवासियों को सुरक्षा से जुड़े बिंदुओं के बारे में दिशा निर्देश दिये गए।
बता दें कि पिछली बार जाट आंदोलन सांपला से ही शुरू हुआ था और यहीं से उग्र भी हुआ था। इसी बात को ध्यान में रखते हुए प्रशासन यहां की सुरक्षा व्यवस्था को सख्त करने में कोई कोताही नहीं बरतना चाहता है। साथ ही रोहतक शहर में सभी प्रवेश मार्गों पर पर फोर्स की तैनाती कर दी गई, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले आंदोलनकारियों को शहर से बाहर ही रोक दिया जाए।