चुनाव विभाग की ओर से अब मतदाताओं के घरों तक वोटर स्लिप पहुंचाई जाएगी। अप्रैल के पहले सप्ताह से शहर के सभी मतदाताओं के घर वोटर स्लिप पहुंचाने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी, जिसे वोटर स्लिप दी जाएगी उससे रिसीविंग भी ली जाएगी।
किसी करण से अगर किसी को वोटर स्लिप घर पर नहीं मिलती है तो ये मतदान के दिन उसे बूथ लेवल ऑफिसर से हासिल की जा सकती है।
चुनाव आयोग के निर्देश पर ऐसा पहली बार किया जा रहा है। इस स्लिप पर मतदाता का नाम और उसके मतदान केंद्र की पूरी जानकारी होगी। जिसके पास मतदाता पहचान पत्र नहीं होगा वह यह स्लिप दिखाकर भी वोट डाल पाएगा।
चुनाव के दिन लोग राजनीतिक दलों के टेंटों पर मतदान केंद्र के बारे में जानकारी लेने जाते थे। इस राजनीतिक दलों के टेंट पर वह जानकारी लेने जाते थे, उससे उनका राजनीतिक दल के प्रति झुकाव का भी पता चल जाता था।
साथ ही राजनीतिक दलों को भी यह पता चल जाता था कि किस मतदान केंद्र पर उनसे कितने लोगों ने जानकारी ली। इससे वह एक अंदाजा लगा लेते थे कि किस मतदान केंद्र पर उन्हें कितने वोट मिलने की संभावना है।
राजनीतिक दलों की जारी वोटर स्लिप नहीं होगी मान्य
इस संबंध में चंडीगढ़ के ज्वाइंट चीफ इलेक्टोरल ऑफिसर तिलक राज ने कहा कि जिस मतदाता का नाम मतदाता सूची में है वह वोट डाल सकता है।
अपनी पहचान के लिए वह मतदाता पहचान पत्र के साथ साथ चुनाव विभाग की ओर से जारी वोटर स्लिप भी दिखा सकता है।
राजनीतिक दलों की ओर से जारी वोटर स्लिप मान्य नहीं होगी। कोई और भी पहचान पत्र दिखाकर वह वोट दे सकता है। यह वोटर स्लिप एक तरह से मतदाताओं को मतदान करने के लिए दिए जाना वाला निमंत्रण है।