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बागी हुए पार्षद फिर भाजपाई खेमे में

Tue, 25 Mar 2014 11:22 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, पंचकूला
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भाजपा के बैनर तले नगर निगम चुनाव जीतने के बाद मेयर चुनाव के दौरान बागी हुए तीन पार्षद फिर भाजपा में शामिल हो गए।
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भाजपा के वरिष्ठ नेता जहां इसे सस्पेंशन खत्म होने के बाद घर वापसी बता रहे हैं, वहीं पार्टी का एक धड़ा का कहना है कि वे असहमत नहीं हैं, लेकिन सहमत होने पर भी कोई जवाब नहीं दिया।

नगर निगम चुनाव में भाजपा के तीन पार्षद सीबी गोयल, सुनील तलवार व रविकांत स्वामी ने जीत दर्ज की थी। तीन पार्षदों की जीत से भाजपा आलाकमान गदगद थीं, लेकिन मेयर का चुनाव आते ही हालात बदल गए।
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तीनों पार्षदों पर आरोप लगे कि उन्होंने ही कांग्रेस समर्थित उपिंद्र आहलूवालिया को वोट देकर मेयर बनाया। इन आरोप की जांच के लिए कमेटी बैठी और तीनों पार्षदों को सस्पेंड कर दिया गया था।

पार्षद सीबी गोयल ने तो पिछले दिनों आम आदमी पार्टी भी ज्वाइन कर लिया था। अब लोकसभा चुनाव नजदीक आते ही तीनों को पार्टी में यह कहते हुए वापस ले लिया गया कि सस्पेंड करते वक्त गलतफहमी हुई थी।

जरूरत पड़ने पर सभी अपने घर आते हैं। सोमवार को भाजपा कार्यालय में तीनों पार्षदों की भाजपा में वापसी के दौरान पार्टी के वरिष्ठ नेता ज्ञान चंद गुप्ता, बीबी सिंघल, भारत भूषण रिहौड़ व वरिंद्र गर्ग सहित कई अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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वहीं, भाजपा के जिला अध्यक्ष विशाल सेठ सहित कई अन्य नेता नदारद रहे।


पार्टी ने यह फैसला लिया है। मैं भी पार्टी का एक सदस्य हूं। हर किसी की अपनी सोच होती है। मैं इस फैसले से असहमत नहीं हूं।
विशाल सेठ, जिला प्रधान, भाजपा पंचकूला

भाजपा ने गलतफहमी के वजह से सस्पेंड किया था। जवाब के बाद सस्पेंशन वापस हुआ है। मैंने आम आदमी पार्टी को ज्वाइन किया था, लेकिन भाजपा के साथ अर्से से जुड़ा हूं। यही मेरी पार्टी है।
सीबी गोयल, पार्षद

मैं कभी भाजपा से बाहर गया ही नहीं था। हमें सस्पेंड करने के बाद जो जवाब मांगा गया था, वह दिया। हमारा मकसद पार्टी को मजबूत करना है।
सुनील तलवार, पार्षद  

हम कभी पार्टी से बाहर नहीं थे। हम संगठन के साथ जुड़े हैं। हमसे जो जवाब मांगा गया था, हमने दे दिया। पार्टी के पदाधिकारी हमारे जवाब से संतुष्ट हुए।
रविकांत स्वामी, पार्षद
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