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राज्यसभा चुनाव: विवेक बंसल बोले- अजय माकन के बयान से आहत हूं, किसी का सार्वजनिक नाम लेना उपयुक्त नहीं

Wed, 20 Jul 2022 05:35 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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विवेक बंसल - फोटो : फाइल
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राज्यसभा चुनाव में हार पर कांग्रेस में रार थमने का नाम नहीं ले रही। उम्मीदवार रहे अजय माकन के बीते सोमवार को किए गए जुबानी वार पर बुधवार को प्रदेश प्रभारी विवेक बंसल और विधायक किरण चौधरी ने पलटवार किया। बंसल ने कहा कि वक्त आने पर सारे राज खोलूंगा, तो किरण बोलीं कि माकन गहरे षड्यंत्र का मोहरा हैं।

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बंसल ने बुधवार को नई दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि चुनाव परिणाम को चुनौती देने और अलग से रिपोर्ट देने का अधिकार अजय माकन को है, क्योंकि वह प्रत्याशी थे। हमने पार्टी आलाकमान को रिपोर्ट दे दी, तो सार्वजनिक रूप से किसी का नाम लेना उपयुक्त नहीं है। सार्वजनिक रूप से मैं किसी पर टिप्पणी नहीं करूंगा। मुझे अगर उनसे शिकायत है या फिर उन्हें मुझसे शिकायत है तो पार्टी आलाकमान को बताना उपयुक्त रहेगा। उन्होंने कहा कि कितने ही इल्जाम लगाए जाएं, पार्टी लाइन में रहकर ही काम करूंगा। किरण चौधरी का अपना स्टैंड है, मैं उस पर कुछ नहीं कहूंगा। 2004 में एक वोट से किरण चौधरी की हार उनकी खुद की पीड़ा हो सकती है।

किरण चौधरी ने माकन की टिप्पणी को महामूर्खता बताया 

किरण चौधरी ने माकन की एक टिप्पणी को महामूर्खता करार दिया है। उन्होंने कहा कि माकन की हार की पटकथा उसी दिन लिख दी गई थी जिस दिन कार्तिकेय शर्मा निर्दलीय उम्मीदवार बने थे। जब दीपेंद्र हुड्डा राज्यसभा चुनाव लड़े, तो भारतीय जनता पार्टी ने उम्मीदवार खड़ा क्यों नहीं किया और कोई स्याही कांड क्यों नहीं हुआ। माकन ने महामूर्खता वाली और बचकानी बात कही है। ये स्पष्ट नजर आता है कि उन्हें सिखाकर भेजा जा रहा है। उन्हें यही समझ नहीं आ रहा, जिन्होंने उनके खिलाफ साजिश की वहीं मुखपत्र बन रहे हैं। 

हरियाणा में तीसरी बार हुआ षड्यंत्र

किरण चौधरी ने कहा कि हरियाणा में तीसरी बार षड्यंत्र हुआ है। ये षड्यंत्र कौन करता है, यह सबको मालूम है। यह सिलसिला 2004 चला आ रहा है। 2004 के राज्यसभा चुनाव में एक वोट रद्द करवाकर मुझे हरवाया गया था। आज तक मुझे पता नहीं चला कि वो किसका वोट था जो रद्द हुआ। इसी तरह 2016 में स्याही कांड हुआ। जब तक याचिका के जरिये अदालत आदेश नहीं करे, तब तक आप वोट का पता नहीं कर सकते। 

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