इंडियन ग्रां प्री में सोमवार को तमिलनाडु की एथलीट आर विथ्या रामराज महज कुछ माइक्रो सेकेंड से उड़नपरी के नाम से मशहूर देश की पूर्व धावक पीटी उषा के रिकॉर्ड की बराबरी करने से चूक गईं। 400 मीटर हर्डल को 55.43 सेकेंड में पूरा कर आर विथ्या रामराज पहले स्थान पर रहीं। अगर यह दौड़ वह 55.42 सेकेंड में पूरा कर लेतीं तो वर्ष 1984 में लॉस एंजिल्स ओलंपिक में बनाए पीटी उषा के रिकॉर्ड टाइम 55.42 सेकंड की बराबरी कर लेतीं।
1984 में अमेरिका के लॉस एंजिल्स में ओलंपिक खेलों का आयोजन किया गया था। इसमें पीटी उषा ने 55.42 सेकेंड में राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया था। अब विथ्या रामराज पीटी उषा के इस रिकॉर्ड से सिर्फ 0.01 सेकेंड से चूक गईं। इंडियन ग्रां प्री-5 का आयोजन चंडीगढ़ में किया जा रहा है। इसमें 24 वर्षीय विथ्या रामराज ने 400 मीटर बाधा दौड़ में 55.43 सेकेंड में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया।
लॉस एंजिल्स ओलंपिक में पीटी उषा ने राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया था। मगर वे इस इवेंट में चौथे स्थान पर थीं। यह भारत का दूसरा ऐसा रिकॉर्ड है, जिसे 39 साल से अभी तक कोई तोड़ नहीं पाया है। इससे पहले वर्ष 1978 में शिवनाथ सिंह ने मैराथन में राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया था। यह देश का सबसे पुराना राष्ट्रीय रिकॉर्ड है।
दौड़ के बाद धावक आर विथ्या रामराज ने कहा कि पीटी उषा मेरी आर्दश हैं। आज उनके रिकॉर्ड की बराबरी करने में माइक्रो सेकेंड से चूक गई हूं। चंडीगढ़ में अगर आज मैं उनके रिकॉर्ड की बराबरी कर लेती तो मेरे लिए गर्व की बात होती, क्योंकि वह इन दिनों चंडीगढ़ में ही हैं। उन्होंने कहा कि इसी महीने चीन में एशियन गेम्स होने वाले हैं। मैं उसमें हिस्सा ले रही हूं। वहां पर 400 मीटर हर्डल रेस में शिरकत करूंगी। चंडीगढ़ में किए गए अपने प्रदर्शन से मैं पूरी तरह आश्वस्त हूं और उम्मीद कर रही हूं कि एशियन गेम्स में पीटी उषा के रिकॉर्ड को जरूर तोड़ दूंगी।
मेरी एथलीट बेहतर: कोच नेपाल सिंह
आर. विथ्या रामराज के कोच नेपाल सिंह राठौर ने कहा कि अपनी प्रशिक्षु के चंडीगढ़ में किए गए प्रदर्शन से काफी खुश हूं। एशियन गेम्स में वह स्वर्ण पदक जीतकर देश का नाम जरूर रोशन करेगी। वह एक बेहतर एथलीट है और मुझे अपने प्रशिक्षण पर गर्व है।